जयपुर। वेडिंग सेलिब्रेशन अब सिर्फ परंपराओं तक सीमित नहीं रह गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सोशल मीडिया और नई तकनीकों ने वेडिंग इंडस्ट्री का स्वरूप बदलना शुरू कर दिया है। होटल फेयरमॉन्ट में आयोजित इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव (आईडब्लूटीसी) सीजन-3 के दूसरे दिन ‘द एआई वेडिंग्स’ विषय पर आयोजित मास्टर क्लास में एआई विशेषज्ञ मोहम्मद इरशाद ने कहा कि एआई की मदद से वेडिंग प्लानिंग, गेस्ट मैनेजमेंट, डिजिटल इनविटेशन, डेकोरेशन, बजट प्लानिंग और कंटेंट क्रिएशन पहले की तुलना में अधिक स्मार्ट और प्रभावी हो गए हैं।
एआई आधारित तकनीकों से वेडिंग प्लानर्स 50% तक समय की बचत करते हुए कम लागत में ग्राहकों को बेहतर और व्यक्तिगत सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। साथ ही उन्होंने इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स को एआई के व्यावहारिक उपयोग, उभरते ट्रेंड्स और भविष्य की संभावनाओं से भी अवगत कराया। कॉन्क्लेव में फोरम के प्रेसिडेंट, हितेश शर्मा; वाईस प्रेजिडेंट, अजय चौहान; सेक्रेटरी, भुवनेश अग्रवाल और पूर्व प्रेसिडेंट, मोहित माहेश्वरी मजूद रहे।
‘ग्रेट ग्रैंड कूकस रोड’ एक और मास्टर क्लास में महावीर शर्मा, रजत सेठी, हेमंत और अनूप पाण्ड्य ने चर्चा की कि जयपुर का कूकस- दिल्ली रोड कॉरिडोर देश के सबसे तेजी से उभरते डेस्टिनेशन हब में शामिल हो चुका है। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग की संख्या में 30-40% तक बढ़ी है। इसके चलते फाइव स्टार होटल, लग्जरी रिसॉर्ट्स और बड़े वेडिंग वेन्यू की मांग लगातार बढ़ रही है।
एक वेडिंग में औसतन 200 से 500 कमरे और 500 से 2,000 मेहमानों के ठहरने व आयोजन की व्यवस्था की आवश्यकता होती है। ऐसे में आने वाले वर्षों में कूकस रोड पर 10 से अधिक नए लग्जरी होटल और रिसॉर्ट्स विकसित होने की संभावना है। इन ही पहलुओं के देखते हुए बेहतर सड़क, कनेक्टिविटी, एयरपोर्ट की निकटता, विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं और इस क्षेत्र के सभी होटलों के सहयोग के कारण जयपुर अंतरराष्ट्रीय वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से अपनी पहचान मजबूत करेगा।
“द वेडिंग बजट इकोनॉमिक्स” सत्र में प्रितेश शर्मा ने लागत प्रबंधन और वेडिंग बिजनेस के नए मॉडल पर चर्चा की। वहीं “अमेजिंग वेडिंग ट्रेंड्स” और “फ्यूचर ऑफ़ बीच वेडिंग” सत्र में गोवा टूरिज्म से डॉ. गेविन डाइएस ने गोवा डेस्टिनेशन वेडिंग और टूरिज्म के उभरते ट्रेंड्स पर एक प्रेजेंटेशन दी। “वायरल वेडिंग रील – सोशल मीडिया इतना महत्वपूर्ण क्यों और कैसे बन गया?” सत्र में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका पर चर्चा हुई। इसके बाद “फ्यूचर प्लांस”, “इंडियंस वेडिंग टेस्ट” और “आइए आईडब्लूटीसी के बारे में बात करते हैं – हम शादियों में कुछ नया कैसे लाए।” जैसे सत्रों में उद्योग के भविष्य, इंडियन वेडिंग की बदलती पसंद और नवाचारों पर मंथन हुआ।



















