जयपुर। सांगानेर के तिवड़िया बालाजी धाम स्थित हनुमान मंदिर मैदान में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर बालयोगी बाल कृष्णदास महाराज के सानिध्य में आयोजित गोपुष्टी महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत भक्तमाल कथा का पंचम दिवस भी श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। कथा और महायज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
आयोजन से जुड़े जोई राम सोई राम महाराज ने बताया कि यह सामूहिक हवन-यज्ञ किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं,बल्कि समाज एवं क्षेत्र के सामूहिक कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मकार्य में सहभागिता निभाने की अपील की।
कथा के दौरान आचार्य बाल योगी नोमिनाथ दास महाराज ने भक्तमाल कथा में महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि अंततः धर्म की ही विजय होती है और अधर्म का विनाश निश्चित है। उन्होंने माता मदालसा के प्रसंग के माध्यम से संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कारवान माता ही संस्कारी संतान का निर्माण कर सकती है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता एवं परिवार के बड़े-बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करें। वहीं अभिभावकों से भी अपनी संतानों को समझने और उनमें अच्छे संस्कार विकसित करने का आग्रह किया।
सांयकालीन सत्र में वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी रासलीला का भव्य मंचन किया। रासलीला के दौरान देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा परिसर भक्ति एवं उल्लास के वातावरण से सराबोर रहा। आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता बनी हुई है।



















