वायलिन वादन से देश-दुनिया में पहचान बना रहे जयपुर के गुलजार हुसैन

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जयपुर। जयपुर के प्रसिद्ध वायलिन वादक, संगीतकार एवं गुरु गुलजार हुसैन भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। उन्होंने संगीत की शिक्षा श्री राजीव अग्रवाल एवं पद्मभूषण पंडित वी.जी. जोग से प्राप्त की और भारत सहित कई देशों में एकल एवं संगत वायलिन वादन की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी हैं।

गुलजार हुसैन ने बॉलीवुड, हॉलीवुड, वेब सीरीज और कई संगीत एल्बमों में वायलिन वादन एवं संगीत स्कोर में योगदान दिया है। उन्होंने पद्मश्री उस्ताद अहमद हुसैन–उस्ताद मोहम्मद हुसैन, उस्ताद मोहम्मद वकील, मनहर उधास और पद्मश्री अनुप जलोटा सहित अनेक ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ मंच साझा किया है। उनके योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी मिल चुके हैं।

पिछले 15 वर्षों से वे भारतीय शास्त्रीय वायलिन की शिक्षा दे रहे हैं और आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रहे हैं। उनके कई शिष्य देश के प्रतिष्ठित विद्यालयों में संगीत शिक्षक हैं, जबकि कई मुंबई फिल्म उद्योग में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी शिष्या दिशा गोस्वामी ए.आर. रहमान और जावेद अली जैसे कलाकारों के साथ प्रस्तुति दे रही हैं, वहीं सैय्यद रिजवान अस्करी मेयो कॉलेज, अजमेर में वायलिन शिक्षक हैं।

उन्होंने अमेरिका, जर्मनी और डेनमार्क सहित कई देशों के विद्यार्थियों को भी भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण दिया है। गुलजार हुसैन का उद्देश्य युवाओं में शास्त्रीय संगीत के प्रति रुचि विकसित करना और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि संगीत केवल कला नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है।

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