जयपुर। राजधानी जयपुर में सिंधी समाज का 40 दिवसीय भगवान झूलेलाल चालिहा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी है। 16 जुलाई से शुरू हुए इस महोत्सव में श्रद्धालु सात्विक जीवन, संयम और तप-सेवा का पालन करते हुए भगवान झूलेलाल की आराधना कर रहे हैं।
सिंधी समाज के प्रतिनिधि तुलसी संगतानी ने बताया कि कंवर नगर, बनीपार्क, राजापार्क सिंधी कॉलोनी, प्रताप नगर, जवाहर नगर, मानसरोवर, गोविंद नगर, विद्याधर नगर, शास्त्री नगर, अग्रवाल फार्म, मालवीय नगर, जयसिंहपुरा खोर और मॉडल टाउन स्थित झूलेलाल मंदिरों में प्रतिदिन भजन-कीर्तन, पंजड़ा, अखो प्रार्थना, चालीहा पाठ, बहिराणा साहब की पूजा और पल्लव प्रार्थना हो रही है। बहिराणा साहब की सवारी घर-घर पहुंच रही है, वहीं छेज नृत्य और भजनों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
चालीहा व्रत के दौरान श्रद्धालु दिन में एक समय सात्विक भोजन करते हैं, फर्श पर शयन करते हैं, पुरुष 40 दिनों तक केश नहीं कटवाते तथा पूर्ण ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करते हैं। बनीपार्क पंचायत के राकेश कृपलानी और शास्त्री नगर के कमल आसवानी ने बताया कि यह साधना आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है।
चालीहा महोत्सव का संबंध सिंध में भगवान झूलेलाल के अवतार और धर्म रक्षा की ऐतिहासिक मान्यता से जुड़ा है। साथ ही अंकर दास द्वारा कारावास में रचित 40 पदों का आज भी चालीहा के दौरान गायन किया जाता है।
मानसरोवर के रजत पथ स्थित भगवान श्री झूलेलाल मंदिर पंचायत के अध्यक्ष प्रदीप मोटवानी ने बताया कि महोत्सव का समापन 24 अगस्त को होगा। इस अवसर पर 101 बहिराणा साहब की ज्योतियां प्रज्वलित कर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा विशाल आम भंडारे का आयोजन किया जाएगा।



















