मिशन जागृति : नशा मुक्त वार्ड बनाने की मुहिम में कोचिंग छात्रों से मांगी गोपनीय सूचनाएं

0
63
Mission Jagriti: Confidential information sought from coaching students for the campaign to make the ward drug-free.
Mission Jagriti: Confidential information sought from coaching students for the campaign to make the ward drug-free.

जयपुर। राजधानी में नशे के कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जयपुर दक्षिण पुलिस का विशेष अभियान ‘मिशन जागृति’ लगातार गति पकड़ रहा है। पुलिस आयुक्तालय के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय सिंह के निर्देशन तथा पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत अब सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के वार्डों को नशा मुक्त बनाने की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है।

इसी क्रम में शुक्रवार को मानसरोवर के शिप्रापथ स्थित सेक्टर-10 सामुदायिक केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, स्कूल एवं कोचिंग संस्थानों के संचालकों और विद्यार्थियों सहित करीब 300 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों से पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर अपने-अपने वार्ड को नशा मुक्त बनाने का आह्वान किया गया।

इस अभियान के तहत पुलिस उपायुक्त राजर्षि राज ने क्षेत्र के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर मिशन जागृति के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। विद्यार्थियों और आमजन से गोपनीय सूचनाएं प्राप्त करने के लिए कोचिंग संस्थानों में शिकायत पेटिकाएं भी स्थापित करवाई गईं। साथ ही पोस्टर, पंपलेट और अन्य जागरूकता सामग्री वितरित की गई।

पुलिस के अनुसार अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 101 मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक यह संख्या बढ़कर 174 हो गई है, जो करीब 72.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। मिशन जागृति की व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर अब तक 65 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर कार्रवाई करते हुए 15 एफआईआर दर्ज कर 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

अभियान के दौरान 18 अप्रैल, 29 अप्रैल, 30 मई, 3 जुलाई और 30 जुलाई को की गई विभिन्न कार्रवाइयों में जब्त करीब 5.60 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों का नियमानुसार निस्तारण भी किया जा चुका है।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ललित शर्मा के पर्यवेक्षण में एसीपी, थानाधिकारियों, डीएसटी और साइबर सेल की विशेष टीमें ड्रोन कैमरों और डॉग स्क्वायड की मदद से संवेदनशील क्षेत्रों एवं कच्ची बस्तियों में लगातार सर्च अभियान चला रही हैं।

साथ ही नशे के कारोबार से अर्जित चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाकर वित्तीय जांच और डोजियर तैयार किए जा रहे हैं, ताकि तस्करों की अवैध संपत्ति पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), औषधि नियंत्रक विभाग, कोचिंग संस्थानों तथा स्थानीय निकायों का भी सहयोग लिया जा रहा है।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि आसपास कहीं नशीले पदार्थों की बिक्री या सेवन की जानकारी हो तो व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here