शुरू हुआ चातुर्मास महापर्व: 10 चातुर्मास स्थलों पर वर्षायोग मंगल कलश स्थापना

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जयपुर। जैन नगरी के रूप में विख्यात जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में रविवार को चातुर्मास महापर्व का शुभारंभ वर्षायोग मंगल कलश स्थापना समारोह के साथ हुआ। शहर एवं आसपास के 10 प्रमुख चातुर्मास स्थलों पर 10 संघों की 31 पिच्छिकाओं के वर्षायोग मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित हुए, जिनमें लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

राजस्थान जैन युवा महासभा के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि इस वर्ष जयपुर शहर के 15 स्थानों पर 50 दिगम्बर जैन संतों तथा आसपास के सात स्थानों पर 40 पिच्छिकाओं का चातुर्मास हो रहा है। चातुर्मास के दौरान संत वर्षा ऋतु में सूक्ष्म जीवों की रक्षा के उद्देश्य से चार माह तक एक ही स्थान पर प्रवास कर त्याग, तप, स्वाध्याय और जनकल्याण का संदेश देंगे। इस अवधि में जैन मंदिरों एवं चातुर्मास स्थलों पर धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

रविवार को भट्टारक जी की नसियां (नारायण सिंह सर्किल) में उपाध्याय उर्जयन्त सागर मुनिराज के 33वें चातुर्मास का शुभारंभ हुआ। गोलोक धाम, निमोडिया में पर्यावरण संरक्षक आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज ससंघ के 38वें चातुर्मास का मंगल कलश स्थापना समारोह आयोजित हुआ, जिसमें पूर्व सांसद रामचरण बोहरा, राजस्थान जैन सभा के अध्यक्ष सुभाष चंद जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

इसके अलावा दहमीकलां (अजमेर रोड) में आचार्य नवीन नंदी महाराज, मीरा मार्ग मानसरोवर में मुनि विलोक सागर एवं विबोध सागर महाराज, मुहाना मंडी स्थित पारस विहार में मुनि विश्व विजय सागर महाराज, वरुण पथ मानसरोवर में गणिनी आर्यिका विभा श्री माताजी, कमला नेहरू नगर में आर्यिका विष्णु प्रभा माताजी, मुरलीपुरा में आर्यिका सुकाव्य मति माताजी, चौमू में आर्यिका नन्दीश्वर मति माताजी तथा विज्ञा तीर्थ (गुन्शी) में गणिनी आर्यिका विज्ञा श्री माताजी ससंघ के चातुर्मास का शुभारंभ मंगल कलश स्थापना के साथ हुआ।

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