जयपुर। गलता गेट स्थित मंदिर श्री गीता गायत्रीजी में पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में चल रही शिव महापुराण कथा में सोम प्रदोष के अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। व्यासपीठ पर विराजित आचार्य राजेश्वर ने जैसे ही शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया, मंदिर परिसर मंगल गीतों और भजनों से गूंज उठा। श्रद्धालु विवाह प्रसंग में भाव-विभोर नजर आए।
विवाह प्रसंग के दौरान महिलाओं ने माता पार्वती को मेहंदी अर्पित की और सुहाग का 16 श्रृंगार अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की। बाद में यह सुहाग सामग्री श्रद्धालुओं में प्रसाद स्वरूप वितरित की गई। मंगल गीतों और भजनों के बीच मंदिर का वातावरण ऐसा प्रतीत हुआ, मानो उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित त्रियुगी नारायण मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह स्वयं संपन्न हो रहा हो।
सवा लाख बेलपत्र अर्पण महोत्सव जारी
मंदिर प्रवक्ता नीतीश चैतन्य चतुर्वेदी ने बताया कि मंदिर में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा सवा लाख बेलपत्र अर्पण महोत्सव अनवरत जारी है। महोत्सव के तहत द्वादश ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक स्वरूप भगवान शिव को लगातार बेलपत्र अर्पित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु ‘ॐ नम: शिवाय’ का जाप करते हुए शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ा रहे हैं।
मंदिर परिसर में शिव-पार्वती विवाह के मंगल गीतों, मंत्रोच्चार और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। कथा के आगामी प्रसंग में गणेश जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।



















