जयपुर। जयपुर की पद्मावती कॉलोनी स्थित राधा गोविंद मंदिर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का गुरुवार को अत्यंत भावपूर्ण माहौल में समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान भोलेनाथ की दिव्य कथा का रसास्वादन किया। समापन अवसर पर व्यासपीठ से प्रद्युम्न मुनि महाराज ने भगवान शिव की विविध लीलाओं का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि “भगवान भोलेनाथ को वे पदार्थ अत्यंत प्रिय हैं, जिन्हें समाज में कोई अन्य पसंद नहीं करता।
आक और धतूरे जैसी वनस्पतियों को पशु भी नहीं खाते, लेकिन महादेव की पूजन सामग्री में उनका सर्वोच्च स्थान है। इस लीला का गूढ़ आशय यही है कि समाज के उपेक्षित या त्याज्य कहे जाने वाले लोगों को भी हमें अपना समझना चाहिए और उन्हें गले लगाना चाहिए।”
कथा के मुख्य संयोजक नटवरलाल शर्मा ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्रवासियों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। कथा के दौरान राणी सती नगर, पद्मावती कॉलोनी, शिव शंकर कॉलोनी, उदय नगर, कस्तूरबा नगर एवं निर्माण नगर सहित आसपास के अनेक क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रतिदिन शिव महापुराण कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कथा विश्राम के अवसर पर महाआरती का आयोजन किया गया और श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया, जिसके बाद धार्मिक जयकारों के साथ आयोजन का समापन हुआ।









