ताड़केश्वर से गूंजा जय श्री कल्याण जी का जयघोष:केसरिया निशान के साथ निकली डिग्गी की लक्खी पदयात्रा

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जयपुर। डिग्गी कल्याण जी की 61वीं लक्खी पदयात्रा मंगलवार सुबह चौड़ा रास्ता स्थित श्री ताड़केश्वर मंदिर से डिग्गीपुरी के लिए रवाना हुई। सुबह 9 बजे मुख्य केसरिया निशान की पूजा-अर्चना के बाद संत-महात्माओं ने ध्वज दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया। करीब पांच दिन में श्रद्धालु 75 किलोमीटर का सफर तय कर 22 अगस्त को डिग्गीपुरी पहुंचेंगे।

इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुए। देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, वहीं महिला श्रद्धालु भजनों पर नाचते-गाते नजर आईं। कई भक्त दंडवत करते हुए भी डिग्गीपुरी की ओर रवाना हुए। हनुमानजी सहित विभिन्न देवी-देवताओं के स्वरूपों की झांकियां यात्रा में आकर्षण का केंद्र रहीं।

पदयात्रा का पहला रात्रि पड़ाव मंगलवार को मदरामपुरा में होगा। इसके बाद 19 अगस्त को हरसूलिया, 20 अगस्त को फागी और 21 अगस्त को चौसला में रात्रि विश्राम होगा। 22 अगस्त को श्रद्धालु डिग्गीपुरी पहुंचेंगे। यात्रा के दौरान रात में भजन, रासलीला और सत्संग के आयोजन होंगे। भगवान भोलेनाथ सहित अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

डिग्गीपुरी पहुंचने पर 22 अगस्त शाम 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद भगवान कल्याणजी महाराज के निज मंदिर में गंगोत्री से लाए गए गंगाजल से अभिषेक किया जाएगा। रात में श्रद्धालु जागरण में शामिल होंगे।

श्री कल्याण डिग्गीपुरी लक्खी पदयात्रा संघ जयपुर के संचालक व अध्यक्ष श्रीजी शर्मा ने बताया कि यह यात्रा तीन पीढ़ियों से जारी है। उनके दादी स्व. रामेश्वर लाल शर्मा ने वर्ष 1964 में पहली बार यात्रा शुरू की थी। इसके बाद 1993 से 2011 तक उनके पिता प्रहलाद राय शर्मा ने यात्रा का संचालन किया। पिछले 14 वर्षों से वे इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

पदयात्रियों की सेवा के लिए चौड़ा रास्ता से टोंक रोड और सांगानेर तक जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर लगाए गए हैं। सोमवार शाम से ही भंडारों में भोजन तैयार करने के लिए भट्टियां जल उठीं। टोंक रोड पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह टेंट लगाए गए हैं, जहां भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने भी पदयात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है।

यह पदयात्रा ताड़केश्वर मंदिर से न्यू गेट, रामनिवास बाग, मोती डूंगरी गणेश मंदिर, तख्तेशाही रोड, आरबीआई तिराहा, रामबाग चौराहा, लक्ष्मी मंदिर तिराहा, टोंक फाटक, दुर्गापुरा और सांगानेर होते हुए मदरामपुरा, हरसूलिया, फागी, चाकसू-चौसला से डिग्गी कल्याण जी पहुंचेगी।
पदयात्रा से एक दिन पहले सोमवार रात से ही अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का जयपुर पहुंचना शुरू हो गया था। मंगलवार सुबह ताड़केश्वर मंदिर से पदयात्रा रवाना होने के साथ ही जयपुर से डिग्गीपुरी तक भक्ति और आस्था का माहौल नजर आया।

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