जयपुर। राजस्थान में जेलों के भीतर से चल रहे आपराधिक नेटवर्क पर पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने बड़ा प्रहार किया है। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में तैनात प्रहरी धारा सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर पैसे लेकर जेल में बंद अपराधियों को अवैध सुविधाएं देने और विदेश में बैठे गैंगस्टरों तक खुफिया जानकारी पहुंचाने का बेहद गंभीर आरोप है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि धारा सिंह जेल के अंदर बंद गुर्गों और बाहर मौजूद सरगनाओं के बीच एक मजबूत कड़ी का काम कर रहा था। आरोप है कि वह जेल में कौन बंद है, किससे किसकी मुलाकात हो रही है। ऐसी हर गुप्त जानकारी विदेश में बैठे गैंगस्टरों को देता था। यही नहीं, प्रहरी पर जेल के अंदर बंद अपराधियों की उनके विदेशी आकाओं से फोन पर बात करवाने और शराब जैसी प्रतिबंधित चीजें अंदर पहुंचाने का भी शक है।
इस पूरे काले कारनामे की पोल तब खुली जब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने गैंगस्टर के गुर्गे संदीप सिंह को पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि विदेश में बैठे एक गैंगस्टर ने अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए भारी रकम भेजी थी। इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा प्रहरी धारा सिंह तक पहुंचा था।
इसी इनपुट के आधार पर दौलतपुरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रहरी को धर दबोचा। पुलिस अब जेल प्रशासन में छिपे अन्य विभीषणों का पता लगाने में जुटी है। इस साजिश से जुड़े अन्य बंदियों को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में जेल सुरक्षा में सेंध लगाने वाले इस सिंडिकेट के कई और बड़े नाम बेनकाब होंगे।



















