जयपुर। राजस्थान पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ व्यापक नशा नष्टीकरण अभियान चलाया। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में हुई कार्रवाई के दौरान विभिन्न थानों के मालखानों में जब्त अवैध मादक पदार्थों का एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए के तहत निर्धारित विधिक प्रक्रिया की पालना करते हुए नियमानुसार निस्तारण किया गया।
यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री तथा केंद्र और राज्य स्तर पर आयोजित एनकोर्ड बैठकों में दिए गए निर्देशों की पालना में की गई। अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने की।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में जब्त मादक पदार्थों के निस्तारण के दौरान बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ नष्ट किए गए। इनमें 4,981.043 किलोग्राम गांजा, 40,471.83 किलोग्राम डोडा-पोस्त, 31.67 किलोग्राम अफीम, 37.05 किलोग्राम हेरोइन, 3.59 किलोग्राम चरस और 8.23 किलोग्राम एमडी शामिल हैं।
इसके अलावा 301.864 किलोग्राम गांजे के पौधे और 400 नग, 243.68 किलोग्राम अफीम के पौधे और 115 नग, 0.64 किलोग्राम एमडीएमए, 0.84 किलोग्राम ब्राउन शुगर, 5.29 किलोग्राम स्मैक तथा 183.15 लीटर कोडिन बेस कफ सिरप का भी निस्तारण किया गया।
कार्रवाई में विभिन्न प्रकार की 1,16,446 नशीली टेबलेट, 50.34 किलोग्राम विभिन्न प्रकार की टेबलेट तथा 573.65 किलोग्राम अन्य ड्रग्स भी नष्ट किए गए।
राजस्थान पुलिस की एएनटीएफ प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को समन्वित और प्रभावी बनाने के साथ जब्त मादक पदार्थों के निस्तारण की प्रक्रिया की भी निगरानी कर रही है। जिलों में निस्तारण की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार और समयबद्ध तरीके से पूरी हो, इस पर विशेष ध्यान दिया गया।
पुलिस के अनुसार यह अभियान मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ जब्त नशीले पदार्थों के सुरक्षित और नियमानुसार निस्तारण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।



















