जयपुर। साइबर अपराधियों और ऑनलाइन गेमिंग ऐप संचालकों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘म्यूल हंटर’ के तहत खोरा बीसल थाना पुलिस और जिला साइबर सैल की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 30 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करवाया गया है। इन खातों में करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी सामने आई है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार गुप्ता के निर्देशन तथा साइबर सैल प्रभारी अनिल कुमार के सुपरविजन में कार्रवाई की गई। पुलिस ने मामले में तीन अन्य संदिग्धों को भी बीएनएस की धारा 170 के तहत निरुद्ध किया है। इनमें खोरा बीसल और मुरलीपुरा थाना क्षेत्र से संबंधित लोग शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रुपए का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद उत्तराखंड और गुजरात से बसों के जरिए इन खातों की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड जयपुर मंगवाए जाते थे।
खाताधारकों को करीब 5 हजार रुपए देने के बाद इन बैंक खातों को जयपुर में सक्रिय साइबर ठगों और ऑनलाइन गेमिंग ऐप संचालकों को 20 हजार रुपए तक में बेच दिया जाता था। पुलिस को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड, 24 एटीएम कार्ड, 4 बैंक पासबुक, 4 चेकबुक और 2 फोनपे/पे स्कैनर बरामद किए हैं। बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अशोक बेनीवाल (24) निवासी जालसू कलां, डेगाना, नागौर, हाल गणेश नगर, निवारू रोड, जयपुर और मनीष खटखड (20) निवासी तिलानेश, डेगाना, नागौर, हाल गणेश नगर, निवारू रोड, जयपुर के रूप में हुई है।
थानाधिकारी एसआई अभिषेक के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
फ्रीज किए गए बैंक खातों का वित्तीय विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों में साइबर ठगी की कितनी रकम आई, रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
पुलिस का मानना है कि बैंक खातों की सप्लाई करने वाले इस नेटवर्क की कड़ियां साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े बड़े नेटवर्क तक पहुंच सकती हैं। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।



















