जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर पुलिस ने भी कमर कस ली है। चुनाव में धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल को रोकने के लिए पुलिस की संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर है। संदिग्ध नकदी के परिवहन के साथ शराब, मादक पदार्थ और अवैध हथियारों की तस्करी रोकने के लिए विशेष नाकाबंदी और धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। संवेदनशील और क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया जाएगा।
पुलिस ने पिछली बार निकाय चुनाव के दौरान जिन मतदान केंद्रों पर विवाद या चुनावी घटनाक्रम हुआ था। उन्हें विशेष निगरानी के दायरे में लिया है। ऐसे मतदान केंद्रों की जानकारी सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से मांगी गई है। पिछली बार चुनाव के दौरान दर्ज आपराधिक मुकदमों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है।
जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और पुलिस मुख्यालय से विस्तृत निर्देश मिले हैं। रेंज के सभी जिलों में क्षेत्र वर्चस्व अभियान चलाया जा रहा है। आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई तेज कर दी गई है। वारंटियों की धरपकड़ भी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि क्रिटिकल मतदान केंद्रों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले चुनाव में जिन मतदान केंद्रों पर विवाद हुआ था या चुनाव से संबंधित मुकदमे दर्ज हुए थे, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। इन मामलों में वर्तमान में क्या स्थिति है, इसकी भी जांच की जा रही है।
चुनाव के दौरान उपद्रव की आशंका वाले असामाजिक तत्वों को पाबंद किया जा रहा है और सूची में नए नाम भी जोड़े जा रहे हैं। रेंज के जयपुर ग्रामीण, अलवर, दौसा, भिवाड़ी, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, खैरथल-तिजारा और झुंझुनूं के पुलिस अधीक्षकों को जयपुर बुलाया गया है। बैठक में निकाय चुनाव की तैयारियों और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
आईजी ने बताया कि जिन स्थानों पर निकाय चुनाव के साथ धार्मिक आयोजन या मेले भी प्रस्तावित हैं, वहां अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात करने को लेकर भी मंथन किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि चुनाव और अन्य आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।
इधर जयपुर दक्षिण के डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि शहर में नियमित नाकाबंदी की जा रही है और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। उपद्रव फैलाने वाले लोगों को पाबंद कराया जा रहा है। लाइसेंसी हथियारों को थानों में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अवैध हथियार रखने और उनकी खरीद-फरोख्त करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। गैर-जमानती वारंटों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जा रहा है। संवेदनशील और क्रिटिकल क्षेत्रों को चिह्नित कर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
नगरीय निकाय चुनाव से पहले राजस्थान पुलिस ने अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ प्रदेशभर में एक साथ अभियान शुरू किया है। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में विशेष नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों और लोगों की जांच की जा रही है।
डीजीपी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो तथा आमजन में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हो, इसी उद्देश्य से लगातार कार्रवाई की जा रही है। अपराध और कानून-व्यवस्था के मामले में राजस्थान पुलिस की शून्य सहनशीलता की नीति आगे भी जारी रहेगी।
एडीजी कानून एवं व्यवस्था वीके सिंह ने बताया कि नाकाबंदी के दौरान वाहनों के चालक के ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन दस्तावेज और नंबर प्लेट की जांच की जा रही है। संदिग्ध लोगों की पहचान की तस्दीक भी कराई जा रही है।
पुलिस का फोकस केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि चोरी के वाहन, अवैध हथियार, मादक पदार्थ और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। चुनाव को प्रभावित करने के लिए अवैध रूप से नकदी और शराब ले जाने वालों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य चुनाव के दौरान किसी भी तरह के धनबल, बाहुबल या अवैध गतिविधि को प्रभावी ढंग से रोकना है।



















