जयपुर। जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा-2018 के पेपर लीक और उत्तर कुंजी के जरिए नकल कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने आठ साल से फरार चल रहे आरोपी सुनील कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुनील कुमार (36) पुत्र मनफूल सिंह यादव, गांव सहड़, थाना पचेरी कलां, बुहाना, झुंझुनूं का निवासी है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी) ने आठ साल से फरार चल रहे आरोपी सुनील कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी विशाल बंसल ने बताया कि अक्टूबर 2018 में टीसीएस कंपनी की ओर से ऑनलाइन मोड में जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी।
जांच में सामने आया कि नकल माफिया ने टीसीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर से मिलीभगत कर परीक्षा की सभी पारियों की उत्तर कुंजी पहले ही हासिल कर ली थी। इसके बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र और उत्तर कुंजी पढ़ाकर अनुचित तरीके से चयन कराया गया।
जांच के अनुसार सुनील कुमार ने राजेश्वर उर्फ राजेश प्रधान के माध्यम से अभ्यर्थी योगेश कुमार को परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र और उत्तर कुंजी पढ़वाई थी। इसके बाद योगेश का जेल प्रहरी पद पर फर्जी तरीके से चयन कराया गया।
एसओजी ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 29 अगस्त 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पूछताछ में पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
जेल प्रहरी भर्ती धांधली के दर्ज प्रकरण में एसओजी पहले ही टीसीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर, नकल माफिया के प्रमुख सदस्यों और अनुचित लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों सहित 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।



















