जयपुर। मुहाना थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपए के इनामी अपहरणकर्ता को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बिहार से अपहृत नाबालिग को भी सकुशल दस्तयाब कर लिया। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम ने पांच दिनों में करीब 3 हजार किलोमीटर का सफर तय कर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार में पीछा किया। मामला राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से भी जुड़ा हुआ था।
पुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि परिवादिया की शिकायत पर 15 मई 2026 को उसकी नाबालिग बेटी के अपहरण का मामला मुहाना थाने में दर्ज हुआ था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रोहित यादव को गिरफ्तार कर नाबालिग को पटना, बिहार से बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया था।
इसके बाद रोहित यादव ने इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग से दोबारा संपर्क किया। उसे डराने-धमकाने के बाद 19 जून को फिर से अपहरण कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए और राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लंबित होने के कारण आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। इसके बाद मुहाना थानाधिकारी मुकेश कुमार खरडिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।
जहां पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और सूचना तंत्र को सक्रिय करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम लगातार पांच दिनों तक विभिन्न राज्यों में आरोपी का पीछा करती रही।
करीब 3 हजार किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद पुलिस ने आरोपी रोहित राय उर्फ रोहित यादव (20) पुत्र जनार्दन राय, निवासी ग्राम डोगाहा, थाना दरियापुर, जिला सारण, बिहार को छत्तीसगढ़ में डिटेन किया। पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर टीम बिहार पहुंची और वहां से नाबालिग को सकुशल दस्तयाब कर लिया।


















