जयपुर। शहर में जाली नोटों के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आमजन को नकली करेंसी को लेकर सतर्क किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी नोट के नकली होने का संदेह होने पर उसे बाजार में चलाने के बजाय बैंक में ले जाकर उसकी जांच कराएं।
पुलिस के अनुसार नकली नोटों की गुणवत्ता अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में केवल पहली नजर में देखकर नोट को असली या नकली मान लेना उचित नहीं है। संदिग्ध नोट मिलने पर उसकी जांच कराना ही सुरक्षित विकल्प है।
पुलिस ने कहा कि यदि कोई करेंसी नोट नकली जैसा प्रतीत होता है तो उसे किसी अन्य व्यक्ति को देने या बाजार में चलाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। नोट को बैंक में ले जाकर उसकी जांच कराई जा सकती है। इससे नकली नोट के आगे प्रसार को रोका जा सकेगा और अनजाने में कानूनी परेशानी में पड़ने की आशंका भी कम होगी।
पुलिस के मुताबिक संदिग्ध नोट की जांच के लिए अल्ट्रावॉयलेट (यूवी) लाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है। यूवी मशीन की मदद से नोट पर मौजूद सुरक्षा विशेषताओं की जांच की जाती है। इसके साथ ही नोट के वॉटरमार्क, प्रिंटिंग की गुणवत्ता और कागज को भी ध्यान से देखना चाहिए।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नकली करेंसी को लेकर किसी भी तरह का संदेह होने पर सतर्कता बरतें और संदिग्ध नोट को आगे चलाने के बजाय बैंक से उसकी सत्यता की पुष्टि कराएं।



















