जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को सभी 150 वार्डों के प्रत्याशियों की पूरी सूची जारी कर दी। इससे पहले पार्टी की ओर से विधानसभा क्षेत्रवार सूचियां जारी की जा रही थीं।
अब विद्याधर नगर से लेकर आमेर तक सभी वार्डों में कांग्रेस के प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो गई है। भाजपा पहले ही अपने प्रत्याशियों की बड़ी सूची जारी कर चुकी है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की तस्वीर साफ होने के साथ ही अधिकांश वार्डों में सीधा मुकाबला तय हो गया है।
कांग्रेस ने जयपुर के 10 विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से 150 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं। सूची में विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, सांगानेर, बगरू, मालवीय नगर, सिविल लाइंस, किशनपोल, आदर्श नगर, हवामहल और आमेर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
विद्याधर नगर—वार्ड 1 से 22
1 नवरतन शर्मा, 2 मनीराज सिंह, 3 छगन कुलदीप, 4 कविता अजमेरा, 5 सुमित शर्मा, 6 मधुबाला शर्मा, 7 पूनम तिवारी, 8 रुचिका सोनी, 9 कैलाशी देवी, 10 वंदना जाखड़, 11 प्रेम सिंह, 12 पंकज सैनी, 13 धनराज सिनोदिया, 14 हाकिम सिंह, 15 बद्री कुमावत, 16 राजेश अत्री, 17 भूपेंद्र सिंह, 18 वंदिता शर्मा, 19 फारुख खान, 20 मोनिका सैनी, 21 राकेश लाटा और 22 करणवीर सिंह शेखावत।
झोटवाड़ा—वार्ड 23 से 37
23 अजीत सिंह, 24 सुरेंद्र कुमार शर्मा, 25 रेखा देवी सैनी, 26 अनीता, 27 कालूराम यादव, 28 रविंद्र सिंह शेखावत, 29 सत्यनारायण शर्मा, 30 रवीन, 31 जय कुमार जैन, 32 सीमा शर्मा, 33 प्रियंका यादव, 34 सुरेश, 35 अनिल, 36 रतन चोपड़ा और 37 देवी लाल कसोटिया।
सांगानेर—वार्ड 38 से 58
38 रामसिंह चौधरी, 39 अजय सैनी, 40 मनीष शर्मा, 41 पंकज वर्मा, 42 चंद्रवीर सिंह, 43 आशीष शर्मा, 44 विनय प्रताप भोपार, 45 सुभाष नोनीवाल, 46 हर्षिता जैन, 47 दामोदर मीणा, 48 बाबूलाल सैनी, 49 धर्मसिंह सिंघानिया, 50 निर्मला बैरवा, 51 मनमोहन गुर्जर, 52 हनुमान सैनी, 53 राजीव चौधरी, 54 प्रियंका बेड, 55 संजय बड़ोदिया, 56 शारदा चौधरी, 57 शंकर अकड़ और 58 रामप्यारी देवी।
बगरू—वार्ड 59 से 72
59 दुर्गा देवी, 60 रामफूल मीणा, 61 सुरेश मीणा, 62 हरिराम शर्मा, 63 प्रभुलाल बैरवा, 64 कैलाश मीणा, 65 मुकेश कुमार, 66 महेश कराडिया, 67 योगिता शर्मा, 68 गीता मीणा, 69 बीना देवी, 70 उर्मिला शर्मा, 71 फैज हसन और 72 सुमन रमेश भाटी।
मालवीय नगर—वार्ड 73 से 87
73 चिराग मिश्रा, 74 विचार व्यास, 75 सुनीता आडवाणी, 76 प्रदीप जैन, 77 किरण शर्मा, 78 अभिषेक सैनी, 79 प्रवीण बैरवा, 80 हीना वाधवानी, 81 राहुल तंवर, 82 महेश यादव, 83 सी.पी. कुमावत, 84 भारत मेघवाल, 85 महेंद्र पाल हिंगोनिया, 86 तारा बेनीवाल और 87 अर्चना शर्मा।
सिविल लाइंस—वार्ड 88 से 103
88 श्रुति भारद्वाज, 89 प्रकाश बागड़ा, 90 ममता जांगिड़, 91 सीताराम मेहरा, 92 उषा देवी, 93 जितेंद्र शर्मा, 94 संतोष सूद, 95 मानवेंद्र सिंह, 96 वसीम चौहान, 97 महेंद्र प्रागपुरा, 98 राजकुमार बागड़ा, 99 सत्येंद्र राठौड़, 100 विनिता कूलवाल, 101 दुर्गेश शर्मा, 102 शीला गुर्जर और 103 मोहम्मद हनीफ।
किशनपोल—वार्ड 104 से 115
104 अब्दुल लतीफ कुरैशी, 105 महेश तम्बोली, 106 जुगल गुर्जर, 107 खुशबू शर्मा, 108 मेहरूनिशा, 109 मोहम्मद अयूब, 110 सुनीता मेठी, 111 ज्वाला प्रसाद तिवाड़ी, 112 आशीष शर्मा, 113 गजनफर अली, 114 मोहम्मद जकारिया और 115 सुरेश बिवाल।
आदर्श नगर—वार्ड 116 से 132
116 संजीदा/उमरदराज, 117 संजीदा/गुलाम मुस्तफा, 118 सुनीता मावर, 119 इरफान कुरैशी, 120 शीला सैनी, 121 मुकेश विजय, 122 राजकुमार संगतानी, 123 अंजू, 124 कांता/गिरिराज, 125 मंजू बानो, 126 सोफिया बानो, 127 बादल शर्मा, 128 मोहम्मद सोहेल मंसूरी, 129 महेश कुमार सामरिया, 130 आदित्य कौशिक, 131 पुष्पेंद्र मीणा और 132 दशरथ अटल।
हवामहल—वार्ड 133 से 147
133 गुड्डी देवी, 134 यशपाल गुर्जर, 135 रवि कुमार शर्मा, 136 शबनम, 137 सलमान मंसूरी, 138 दीपिका शर्मा, 139 गीतांजलि सैनी, 140 आशीष जोशी, 141 उषा बच्चानी, 142 मीना डांडोरिया, 143 नवाब चिरानिया, 144 उत्तम कुमावत, 145 अर्चन चतुर्वेदी, 146 अफरोज और 147 राशिद अली।
आमेर—वार्ड 148 से 150
148 आशा सैनी, 149 अंजलि ब्रह्मभट्ट और 150 हीरा देवी।
विद्याधर नगर और सांगानेर में सबसे ज्यादा वार्ड
कांग्रेस की सूची में सबसे ज्यादा वार्ड विद्याधर नगर और सांगानेर विधानसभा क्षेत्रों के हैं। विद्याधर नगर में वार्ड 1 से 22 तक कुल 22 प्रत्याशी घोषित किए गए हैं, जबकि सांगानेर में वार्ड 38 से 58 तक 21 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया है। वहीं आमेर विधानसभा क्षेत्र में केवल तीन वार्ड—148, 149 और 150—शामिल हैं।
बागियों को मनाने की चुनौती
दोनों प्रमुख दलों की सूचियां जारी होने के बाद अब चुनावी गतिविधियां और तेज होंगी। टिकट से वंचित दावेदारों के निर्दलीय मैदान में उतरने से कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है। कांग्रेस और भाजपा के सामने अब बागियों को मनाने और नाम वापसी कराने की चुनौती रहेगी।
नई वार्ड सीमाओं और परिसीमन के कारण कई क्षेत्रों में पुराने चुनावी समीकरण भी बदल गए हैं। ऐसे में प्रत्याशी मतदान से पहले घर-घर संपर्क, बूथ स्तर की रणनीति और स्थानीय मुद्दों पर जोर देंगे। 11 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले दोनों दलों के सामने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के साथ ही बागियों को साधने की बड़ी चुनौती रहेगी।



















