बीएल संतोष का भाजपा संगठन को संदेश: कमजोर प्रत्याशी भी हो तो नहीं छोड़ेंगे साथ

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जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव के बीच भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने शुक्रवार को प्रदेश संगठन की चुनावी तैयारियों का बारीकी से ‘हेल्थ चेक’ किया। प्रदेश भाजपा मुख्यालय में निकाय चुनाव संचालन समिति की बैठक में जिलेवार प्रभारियों से चुनावी स्थिति का फीडबैक लिया गया।

टिकट वितरण के बाद उपजे असंतोष, बागियों और निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और चुनावी प्रबंधन पर विस्तार से मंथन हुआ। बैठक में संतोष ने साफ संदेश दिया कि प्रत्याशी कमजोर हो तब भी पार्टी अपने अधिकृत प्रत्याशी का साथ नहीं छोड़ेगी। स्थानीय समीकरण या बोर्ड बनाने की संभावना के नाम पर निर्दलीय को समर्थन देने का सवाल ही नहीं है।

‘अधिकृत प्रत्याशी के पीछे लगाएं पूरी ताकत’

बैठक में एक नेता की ओर से कुछ परिस्थितियों में बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन करने का सुझाव दिया गया। इस पर संतोष ने स्पष्ट किया कि किसी स्थानीय समीकरण के लिए पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को कमजोर नहीं किया जा सकता। संगठन की पूरी ताकत अधिकृत प्रत्याशी के पीछे लगनी चाहिए। टिकट वितरण के बाद जहां बगावत और नाराजगी सामने आई है, वहां डैमेज कंट्रोल और कार्यकर्ताओं को फिर से प्रत्याशी के पक्ष में लामबंद करने पर भी जोर दिया गया।

सांसदों की निष्क्रियता पर जताई नाराजगी

बैठक में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कुछ सांसदों की निकाय चुनाव में अपेक्षित सक्रियता नहीं होने का मुद्दा उठाया। इस पर संतोष ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में सांसदों की महत्वपूर्ण भूमिका है और उन्हें पूरी तरह चुनावी गतिविधियों में सहयोग करना चाहिए। चुनाव में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इससे साफ है कि केंद्रीय संगठन ने स्थानीय चुनाव में सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता को भी निगरानी के दायरे में रखा है।

युवा-महिला सम्मेलन से सामाजिक समीकरण साधेगी भाजपा

पार्टी ने चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने के लिए नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में युवा और महिला सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में विशेष एससी-एसटी सम्मेलन भी होंगे। इनके जरिए अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक सीधा संपर्क बढ़ाने, पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने और स्थानीय स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की रणनीति तैयार की गई है।

निकाय से पंचायतीराज और 2028 तक रोडमैप

संतोष का जयपुर दौरा केवल निकाय चुनाव तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजेय कुमार सहित प्रमुख नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर संगठन और सरकार के बीच तालमेल, बूथ स्तर की स्थिति और चुनावी तैयारियों का फीडबैक लिया। प्रदेश महामंत्रियों और प्रमुख पदाधिकारियों से भी संगठन की स्थिति पर जानकारी ली गई।

निकाय चुनाव संचालन समिति की बैठक में मौजूदा चुनावी स्थिति की समीक्षा के साथ आगे होने वाले पंचायतीराज चुनाव और 2028 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक रोडमैप पर भी मंथन हुआ। मंत्रियों और विधायकों की अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता, कार्यकर्ताओं से संवाद और सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचने की स्थिति भी समीक्षा के दायरे में रही।

प्रवक्ताओं को भी सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने का संदेश

पार्टी के प्रवक्ताओं और पैनलिस्ट के साथ संवाद में सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई। भाजपा निकाय चुनाव को स्थानीय सत्ता हासिल करने के साथ संगठन की जमीनी ताकत के परीक्षण के रूप में भी देख रही है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय नेताओं के बीच समन्वय को चुनावी सफलता की कुंजी माना गया।

‘हर चुनाव महत्वपूर्ण, कार्यकर्ता केंद्र में’

बैठक के बाद निकाय चुनाव प्रभारी प्रभुलाल सैनी ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य निकायों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना है। डबल इंजन की सरकार के बाद स्थानीय निकायों में भाजपा के बोर्ड बनाना प्राथमिकता है। चुनाव सह प्रभारी शंकर सिंह राजपुरोहित ने कहा कि हर चुनाव में संगठन प्रभारियों की व्यवस्था करता है और वार्ड का पार्षद संगठन की सबसे निचली, लेकिन महत्वपूर्ण कड़ी है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यह संगठनात्मक बैठक है और वरिष्ठ नेताओं के निर्देश के अनुसार कार्यकर्ता चुनाव में जुटेंगे। वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी में सभी लोग चुनाव में लगे हुए हैं और जहां कोई कमी होगी, संगठन उसे अपने स्तर पर ठीक करेगा।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, निकाय चुनाव प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, चुनाव संचालन समिति के सदस्य और केंद्रीय प्रभारी-सह प्रभारी मौजूद रहे। राजेंद्र राठौड़, अशोक परनामी, राजेंद्र गहलोत, अरुण चतुर्वेदी, प्रभुलाल सैनी और लालचंद कटारिया सहित समिति के सदस्यों ने भी चुनावी स्थिति का फीडबैक दिया।

संतोष के दौरे और बैठकों से भाजपा का संदेश साफ है—निकाय चुनाव में टिकट से लेकर बूथ तक संगठन किसी भी स्तर की ढिलाई नहीं चाहता। अधिकृत प्रत्याशी, बागियों पर नियंत्रण और वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता के बाद अब नजर चुनावी नतीजों पर होगी।

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