नगर निगम चुनाव की मतगणना से पहले भाजपा ने की प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी

0
46

जयपुर। नगर निगम चुनाव की मतगणना से पहले भाजपा ने अपने पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। शनिवार दोपहर भाजपा शहर कार्यालय पहुंचे प्रत्याशियों को बसों के जरिए एक रिसॉर्ट में भेजा गया। पार्टी ने प्रत्याशियों को 22 सितंबर तक का सामान साथ लाने के निर्देश दिए थे। प्रत्याशियों को चार-पांच दिन एक साथ रखने की बात कही गई है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार मतगणना के बाद बोर्ड गठन तक संभावित विजयी प्रत्याशियों को एकजुट रखना इस कवायद का प्रमुख उद्देश्य है। जयपुर के अलावा उदयपुर सहित प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी प्रत्याशियों को प्रशिक्षण शिविर के नाम पर एकजुट रखने की रणनीति बनाई गई है।

भाजपा ने फोन कर सभी पार्षद प्रत्याशियों को प्रशिक्षण शिविर की जानकारी दी और शनिवार दोपहर 12 बजे शहर कार्यालय पहुंचने को कहा। तय समय पर प्रत्याशी कार्यालय पहुंचे, जहां से सांगानेर, विद्याधरनगर और आमेर सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रत्याशियों की बसें रवाना की गईं। वार्ड 88 की प्रत्याशी शशि मिश्रा अपने पांच वर्षीय बेटे के साथ, जबकि वार्ड 143 की निधि सैन दो माह के बच्चे के साथ रवाना हुईं।

भाजपा शहर जिला अध्यक्ष अमित गोयल ने कहा कि सभी प्रत्याशी एक जगह परिवार की तरह रहेंगे। उन्हें पार्टी की रीति-नीति, 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य और जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के तरीके के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। वरिष्ठ नेता भी शिविर में पहुंचकर प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी में प्रशिक्षण की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है और यह उसी का हिस्सा है। 22 सितंबर तक रुकने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी का जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।

भाजपा की रणनीति खासतौर पर उन निकायों को लेकर है, जहां मुकाबला करीबी रहने की संभावना है। नतीजों के बाद बहुमत के लिए कुछ सीटों की जरूरत पड़ने पर दूसरे दलों के पार्षदों से संपर्क की संभावना को देखते हुए पार्टी अपने संभावित विजेताओं को एकजुट रखना चाहती है। भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर संभावित विजयी निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी है। स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

14 सितंबर को मतगणना के बाद भाजपा और कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद 21 सितंबर को महापौर और 22 सितंबर को उप महापौर का चुनाव होगा। ऐसे में मतगणना से लेकर बोर्ड गठन तक का समय दोनों दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here