जयपुर। परकोटा क्षेत्र शनिवार सुबह प्रभु सीताराम के जयकारों से गूंज उठा। मौका था ‘समाज श्री सीतारामजी छोटी चौपड़’ के तत्वावधान में आयोजित 266 साल पुरानी सीतारामजी की ऐतिहासिक नगर परिक्रमा और भव्य शोभायात्रा का।
हाथी, घोड़ों, सुसज्जित बैंड, आकर्षक रोशनी और पालकी में विराजमान राम, लक्ष्मण, सीता, भरत एवं शत्रुघ्न के स्वरूपों के साथ निकली इस परिक्रमा में श्रद्धालु पीली पगड़ी और सफेद कुर्ता-धोती पहनकर भजन-कीर्तन करते हुए चले।
परिक्रमा सुबह छोटी चौपड़ स्थित सीताराम जी मंदिर से शुरू होकर त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़ और जौहरी बाजार के मंदिरों में ढोक देते हुए सांगानेरी गेट स्थित श्री सरस बिहारी मंदिर पहुंची, जहां अवधेश पोद्दार ने भजनों की प्रस्तुति दी।
इसके बाद पदयात्रा न्यू गेट, अजमेरी गेट, एमआई रोड, धूलेश्वर गार्डन, पोलो विक्ट्री, सीकर हाउस, पंचमुखी हनुमान मंदिर, गढ़ गणेश और बद्रीनारायण डूंगरी होते हुए गलता तीर्थ पहुंची।
संस्था के मंत्री रामबाबू झालानी ने बताया कि गलता तीर्थ पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंडों में स्नान कर दर्शन-पूजन किया। गलता में विश्राम के बाद पदयात्रा पुराना घाट, सिसोदिया रानी का बाग और घाटगेट होते हुए पुनः सांगानेरी गेट पहुंची, जहां से यह भव्य शोभायात्रा में परिवर्तित हो गई। सांगानेरी गेट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने भगवान के स्वरूपों की महाआरती की।
शोभायात्रा जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़ और त्रिपोलिया बाजार होते हुए वापस छोटी चौपड़ स्थित मंदिर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आरती कर स्वरूपों के दर्शन किए।
मंदिर आगमन पर संस्था के अध्यक्ष नवल-किशोर झालानी और संयोजक हंसराज घीया ने संतों व श्रद्धालुओं का माला-दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया। महाआरती के साथ इस धार्मिक आयोजन का समापन हुआ।



















