जयपुर। प्रदेश में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत जयपुर द्वितीय की खाद्य सुरक्षा टीम ने शुक्रवार को एसकेआईटी कॉलेज के पास स्थित शेखावाटी ढाबा के किचन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किचन में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। टीम को फफूंद लगी और सड़ी-गली कच्ची सब्जियों से ग्रेवी व सब्जी तैयार करते हुए पाया गया।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान अविचल चतुर्वेदी के निर्देशन में हुई कार्रवाई के दौरान किचन खुला और गंदगीयुक्त मिला। यहां प्रतिबंधित खाद्य रंग भी पाया गया। खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कर्मचारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्धारित मानकों के अनुसार हेड कैप, एप्रिन और ग्लव्ज नहीं पहन रखे थे। किचन में प्लास्टिक और एल्यूमिनियम के बर्तनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।
सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद फर्म मालिक नरेंद्र सिंह राठौड़ से खाद्य निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच रिपोर्ट, फूड हैंडलर्स की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट, उनके प्रशिक्षण संबंधी दस्तावेज और एफएसएसएआई लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा गया। संचालक ये दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं करा सके।
टीम ने मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया है। लैब रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा नियम एवं विनियम, 2011 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही फर्म को खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 की धारा 32(1) के तहत 15 दिन में सुधार करने का नोटिस भी दिया गया है। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवधेश गुप्ता और नन्द किशोर कुमावत शामिल रहे।



















