जयपुर। निकाय चुनाव के बाद जयपुर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल को ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया में पुलिस की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पार्टी के कई नवनिर्वाचित पार्षदों को अलग-अलग स्थानों से पुलिस ने जबरन उठाया और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि पार्टी के बहुत से चुने हुए पार्षदों को पुलिस ने जबरन उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि अजमेर, जोधपुर और बीकानेर में जिस तरह की स्थिति बनी, वैसी स्थिति यदि जयपुर में भी पैदा हुई तो कांग्रेस को सड़कों पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सुनील शर्मा के साथ आदर्श नगर विधायक रफीक खान, किशनपोल विधायक अमीन कागजी और बगरू की पूर्व विधायक गंगा देवी सहित कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कमिश्नर से चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने तथा नवनिर्वाचित पार्षदों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाने की मांग की।
सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के दौरान कई स्थानों पर कांग्रेस के पक्ष में परिणाम आने के बावजूद ईवीएम नहीं दिखाई गई। उन्होंने दावा किया कि करीब 12 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी जीत रहे थे, लेकिन वहां ईवीएम उपलब्ध नहीं कराई गई। जब प्रत्याशियों ने री-पोलिंग की मांग की तो उन्हें कथित तौर पर धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया।
शर्मा ने कहा कि ऐसा पहले कभी राजस्थान में ही नहीं, बल्कि देश में भी नहीं हुआ। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
सुनील शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की निकाय चुनाव कमेटी जयपुर में महापौर पद के लिए प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठकें चल रही हैं और इन बैठकों में महापौर पद के प्रत्याशी को लेकर निर्णय किया जाएगा।



















