जयपुर। निकाय अध्यक्षों का चयन संगठन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है और प्रत्येक चुनाव में संगठनात्मक प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लिया जाता है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा कि जिस तरह पार्षद प्रत्याशियों के चयन में वार्ड से लेकर जिला, संभाग और प्रदेश स्तर तक शीर्ष नेतृत्व से परामर्श किया जाता है, उसी तरह निकाय अध्यक्षों के चयन में भी स्थानीय स्तर पर चर्चा के बाद संबंधित प्रभारी, संभाग प्रभारी और संगठन पदाधिकारियों से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद शीर्ष नेतृत्व से चर्चा कर अध्यक्ष के चुनाव पर निर्णय होगा। चयन में संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन निकायों में भाजपा प्रत्याशी बहुमत से जीते हैं, वहां पार्टी बोर्ड का गठन किया जा रहा है। जहां आवश्यकता है, वहां भाजपा की विचारधारा से जुड़े निर्वाचित प्रत्याशियों को साथ लेकर बोर्ड गठन की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है। पार्टी का उद्देश्य मजबूत और प्रभावी स्थानीय निकायों के माध्यम से आमजन की सेवा करना है।
बगड़ी ने कहा कि भाजपा की विचारधारा से जुड़ने के इच्छुक व्यक्ति अथवा भाजपा की नीतियों के अनुरूप कार्य करने वाले निर्दलीय निर्वाचित प्रत्याशी को शीर्ष नेतृत्व उचित समझने पर पार्टी में शामिल करने का निर्णय ले सकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने पिछले तीन वर्षों में आमजन के हित में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और निकाय चुनाव में प्रदेश की जनता ने इन विकास कार्यों पर अपनी जीत की मोहर लगाई है।
बगड़ी ने कहा कि इस बार निकाय चुनाव में युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। भाजपा ने अधिकतम संख्या में युवाओं को टिकट देकर नेतृत्व का अवसर दिया और बड़ी संख्या में युवा प्रत्याशी जीतकर आए हैं। यह युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की भाजपा की नीति और संगठन पर युवाओं के भरोसे का प्रमाण है।



















