जयपुर। जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने जाली और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर दूसरों के भूखंड बेचने के मामले में वर्ष 2020 से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहा था। तकनीकी विश्लेषण और आसूचना संकलन के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि फर्जी दस्तावेज के जरिए भूखंड बेचने और धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई की गई। थानाधिकारी महेश चंद्र के अनुसार परिवादी धर्मपाल जाट ने वर्ष 2020 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उसने जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित सिद्धार्थ नगर में भूखंड संख्या डी-295 (नया नंबर डी-149) एग्रीमेंट के जरिए खरीदा था। आरोप है कि श्रवण गुप्ता और उसके साथियों ने न्यू पिंक गृह निर्माण सहकारी समिति का फर्जी पट्टा, साइट प्लान और रसीदें तैयार कर उक्त भूखंड का बेचान कर दिया। इस मामले में जवाहर सर्किल थाने में मामला दर्ज किया गया था।
इसके बाद से ही आरोपी श्रवण गुप्ता (50) पुलिस से बचने के लिए लगातार मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहा। फरारी के दौरान किशनगढ़ (अजमेर) में किराए पर रहकर ड्राइविंग का काम किया। इसके बाद ब्रह्मपुरी, आमेर और सांगानेर में भी रहा। पिछले करीब एक साल से वह कालवाड़ रोड स्थित अंशुल सुशांत सिटी में किराए का मकान लेकर रह रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी फरारी के दौरान अपने और परिजनों के नाम पर जारी अलग-अलग सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था। जवाहर सर्किल थाने के कांस्टेबल आशीष कटारा ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया। इसके बाद पुलिस टीम ने उसके ठिकाने पर पहुंचकर हिरासत में लिया। पूछताछ में वारदात में संलिप्तता सामने आने पर आरोपी श्रवण गुप्ता को गिरफ्तार किया गया।
आरोपित मूल रूप से आमेर का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ आमेर, करणी विहार और जवाहर सर्किल थानों में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में पहले से मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपी से जाली दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह और उसके अन्य सहयोगियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।



















