जयपुर। छोटी काशी जयपुर की पावन धरा पर 24 से 30 सितंबर तक श्रीमद्भागवत महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। सात दिवसीय आयोजन सत्संग भवन, श्री गोविन्द देवजी मंदिर में प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक होगा। आयोजन के मुख्य मार्गदर्शक आचार्य चन्द्र शेखर महाराज हैं। महाकुंभ में श्रीमद्भागवत कथा के साथ भक्ति, सेवा, संस्कृति और सनातन परंपरा के विभिन्न आयाम देखने को मिलेंगे।
आयोजकों के अनुसार महाकुंभ में देशभर से संत-महात्मा, धर्माचार्य, कथावाचक, विशिष्ट अतिथि, भजन एवं संगीत कलाकार, सिने जगत की हस्तियां, उद्योग जगत के प्रतिष्ठित लोग, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
राज्यपाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने किया पोस्टर विमोचन
भक्ति यात्रा जन कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष मनमोहन ने बताया कि महाकुंभ के सात दिवसीय कार्यक्रमों के पोस्टर का विमोचन राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने किया। इस दौरान श्यामलता शर्मा, अमित पुरोहित, नरेन्द्र कुमार गंगवाल, प्रवीण रामावत, अंकुर अरोड़ा, पीयूष अग्रवाल और हरिदास सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
23 सितंबर को निकलेगी विशाल कलश यात्रा
महाकुंभ के शुभारंभ से एक दिन पहले 23 सितंबर को जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी। आयोजकों के अनुसार यात्रा में 2,100 महिलाएं कलश धारण कर शामिल होंगी। कलश यात्रा के माध्यम से अधिक से अधिक शहर वासियों को श्रीमद्भागवत महाकुंभ से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सेवा के लिए तय होंगे अलग-अलग दायित्व
आयोजक एवं सेवा सहयोगी भक्ति यात्रा जन कल्याण सेवा समिति और एकेपी एडवरटाइजिंग एंड प्रोडक्शंस की ओर से महाकुंभ के सुव्यवस्थित संचालन के लिए विभिन्न सेवा-दायित्व निर्धारित किए जा रहे हैं। इन सेवा भूमिकाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं, सामाजिक संस्थाओं, धर्मप्रेमी नागरिकों और सेवा भाव रखने वाले लोगों को आयोजन से जुड़कर ठाकुरजी की सेवा में सहयोगी बनने का अवसर मिलेगा।



















