जयपुर। बस्सी थाना पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आवासीय भूखंड बेचने और खरीदार को 10 लाख रुपए नहीं देने पर भूखंड किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की धमकी देने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक ही भूखंड के फर्जी आवंटन पत्र तैयार कर धोखाधड़ी की थी।
पुलिस उपायुक्त पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि परिवादी गोविंद सिंह ने 26 सितंबर 2026 को न्यायालय के इस्तगासे के जरिए बस्सी थाने में मामला दर्ज कराया था। परिवादी के अनुसार उसने सूरजपोल गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड की शिव विहार-ए योजना, मानसाखेड़ी, बस्सी में 100 वर्ग गज का भूखंड संख्या ए-18 आरोपी पंकज नावरिया से 70 हजार रुपए में खरीदा था।
इसके बदले आरोपी ने उसे आवंटन पत्र, नक्शा, साइट प्लान और रसीद भी दी थी। परिवादी जब भूखंड पर निर्माण कार्य कराने पहुंचा तो पता चला कि आरोपी ने कूटरचित आवंटन पत्र के जरिए भूखंड बेचा है, जबकि समिति की ओर से यह भूखंड पहले ही किसी अन्य व्यक्ति किस्तूर चंद सोनवाल को आवंटित किया जा चुका था।
परिवादी ने आरोपी से इस संबंध में बात की तो उसने कथित तौर पर बताया कि उसने सोसायटी से भूखंड का दूसरा पट्टा बनवा रखा है और उसे मोटी रकम में बेच देगा। आरोपी ने भूखंड वापस लेने के लिए परिवादी से 10 लाख रुपए मांगे और रकम नहीं देने पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए किसी अन्य व्यक्ति को भूखंड बेचने की धमकी दी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और थाना प्रभारी लिखमाराम बटेसर के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पंकज नावरिया (43) निवासी गोनेर रोड जयपुर को गिरफ्तार किया गया।














