जयपुर। भाकृअनुप-केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (सीएसडब्ल्यूआरआई) अविकानगर में स्वच्छ एवं सुरक्षित मांस उत्पादन और मूल्यवर्धित उत्पाद निर्माण को लेकर आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को सम्पन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में राजस्थान सहित मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 10 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें आठ पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं।
संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को स्वच्छ मांस उत्पादन, वैज्ञानिक वध प्रक्रिया, आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों और मांस की गुणवत्ता के मूल्यांकन की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक अभ्यास पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण मांस से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण रहा। प्रतिभागियों को नगेट्स, पैटीज, सॉसेज, मांस का अचार और मांस से बनी कुकीज तैयार करने की आधुनिक तकनीकें सिखाई गईं। इसके अलावा पशुओं के वध के बाद निकलने वाले अपशिष्ट और सह-उत्पादों का उपयोग कर उपयोगी उत्पाद बनाने की संभावनाओं की जानकारी भी दी गई।
निदेशक डॉ. तोमर ने कहा कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग कर उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप नए उत्पाद विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने प्रतिभागियों से उनके अनुभव और सुझाव भी साझा किए। साथ ही मांस प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार और उद्यमिता की संभावनाओं पर चर्चा की।
संस्थान में पहली बार आयोजित इस स्ववित्तपोषित प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय डॉ. अरविंद सोनी, डॉ. एसएस डांगी और डॉ. सरिता कुमारी ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों में दक्ष बनाकर मांस आधारित उत्पादों के निर्माण के जरिए स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

















