जयपुर। सिंधी कैंप बस स्टैंड पर शुक्रवार सुबह सवारियां बैठाने को लेकर हुए विवाद में एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर रोडवेज बस चालक से मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगा है। चालक का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उसके साथ मारपीट करने के बाद उसे ड्यूटी रूम में करीब दो घंटे तक बंद रखा। घटना के बाद रोडवेज कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया।
भरतपुर डिपो के चालक सतवीर डागुर (57) के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे वह बस का पंचर टायर ठीक करवाने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान सिविल ड्रेस में मौजूद ट्रैफिक इंस्पेक्टर लोकेश चौधरी (30) आगरा जाने वाली सवारियों को जबरन बस में बैठाने के लिए आगे आ गए। चालक ने बस का टायर पंचर होने की मजबूरी बताई तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
चालक का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर इंस्पेक्टर बस के केबिन में चढ़ गए और उसका गिरेबान पकड़कर थप्पड़ मार दिया। इसके बाद उसे ड्यूटी रूम में ले जाया गया, जहां सुबह करीब 9 बजे तक बंद रखकर मारपीट की गई।
इंस्पेक्टर ने आरोपों को नकारा
वहीं, ट्रैफिक इंस्पेक्टर लोकेश चौधरी ने मारपीट और बंधक बनाने के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कुछ यात्री चलती बस के पीछे दौड़ रहे थे। उनकी सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने बस रोकने का इशारा किया था, लेकिन चालक ने बस की गति बढ़ा दी। नीचे उतरने के लिए कहने पर चालक ने उनके साथ गाली-गलौज की।
कर्मचारी संगठन ने की कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर रोडवेज कर्मचारी फेडरेशन के महामंत्री सत्यनारायण शर्मा ने नाराजगी जताते हुए घटना की निंदा की। उन्होंने संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। घटना के बाद रोडवेज कर्मचारियों में रोष बना हुआ है।
















