भागवत कथा के तीसरे दिन शुकदेव जी के दिव्य चरित्र का वर्णन

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जयपुर। ऐतिहासिक श्री गोविंद देव जी मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। व्यासपीठ पर विराजमान मनमध्व गौड़ेश्वर वैष्णवाचार्य डॉ. पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने श्री शुकदेव जी और राजा परीक्षित के पावन प्रसंगों का भावपूर्ण एवं ओजस्वी वर्णन किया।

महाराज ने कहा कि श्री शुकदेव जी का जीवन निष्काम भक्ति और वैराग्य की पराकाष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन में कथा का निरंतर श्रवण आत्मिक कल्याण के साथ मानसिक शांति और एकाग्रता प्रदान करता है। पितृ पक्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण पूर्वजों के उद्धार का भी माध्यम माना गया है।

कथा के दौरान श्री शुकदेव जी के दिव्य चरित्र और राजा परीक्षित को उनके द्वारा सुनाई गई भागवत कथा के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया।

कथा आयोजन समिति के अनुसार कथा के चौथे दिन रविवार को प्रात:कालीन सत्र में मंदिर प्रांगण में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान संकीर्तन का भी आयोजन होगा। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं।

वहीं संध्याकालीन सत्र में निमाई पाठशाला के विद्यार्थियों की ओर से विशेष भाव प्रस्तुति दी जाएगी। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और कथा का लाभ लेने का आह्वान किया है।

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