जयपुर। जगतपुरा स्थित गुप्त वृन्दावन धाम में रविवार को विश्वगुरु श्रील प्रभुपाद आश्रय समारोह आयोजित हुआ। समारोह में 351 भक्तों ने प्रत्यक्ष और 250 भक्तों ने ऑनलाइन सहभागिता की। भक्तों ने अपने आश्रय स्तर के अनुसार नियमित हरे कृष्ण महामंत्र जप, आध्यात्मिक अध्ययन, भक्त-संग और सेवा में निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
मंदिर अध्यक्ष अमितासन दास प्रभु ने आश्रय के महत्व और उसके विभिन्न चरणों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि आश्रय के विभिन्न स्तरों पर प्रतिदिन जप की अलग-अलग साधना निर्धारित है। श्रद्धावान स्तर पर एक माला, सेवक स्तर पर चार माला, साधक स्तर पर आठ माला, उपासक स्तर पर 12 माला तथा चरणाश्रय स्तर पर 16 माला जप का संकल्प लिया जाता है। समारोह में युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
समारोह में भक्तों को विश्वगुरु श्रील प्रभुपाद की पुस्तकों का नियमित अध्ययन करने और सदाचार को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। नशा, मांसाहार, जुआ और अवैध यौन संबंधों से दूर रहने के नियमों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
समारोह के बाद भक्तों को प्रमाणपत्र और आश्रय के अगले स्तर की पुस्तकें वितरित की गईं। इस अवसर पर गुप्त वृन्दावन धाम में 24 घंटे अखंड हरिनाम संकीर्तन भी आयोजित किया जा रहा है।
शनिवार, 3 अक्टूबर रात 9 बजे शुरू हुआ संकीर्तन रविवार, 4 अक्टूबर रात 9 बजे तक जारी रहेगा। युवा और अन्य भक्त मृदंग एवं करताल के साथ सामूहिक हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन में सहभागी हो रहे हैं। आयोजन गुप्त वृन्दावन धाम के निर्माण कार्य के शीघ्र पूर्ण होने और मंगलमय उद्घाटन की प्रार्थना को समर्पित रहा।



















