इंदिरा एकादशी पर बनेंगे चार शुभ योग: शालिग्राम के समक्ष होगा पितृ श्राद्ध

0
38

जयपुर। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने का विधान है। मान्यता है कि इंदिरा एकादशी पर पितरों का श्राद्ध करने से सुख-समृद्धि और धन-संपत्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस बार इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर, मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन सिद्ध योग, साध्य योग, कुमार योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग रहेगा।

पंडित राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को रात 2.09 बजे प्रारंभ होगी और 7 अक्टूबर को रात 12.36 बजे समाप्त होगी। 6 अक्टूबर को पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 9.15 बजे से दोपहर 1.41 बजे तक रहेगा। मध्याह्न के समय भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम शिला के समक्ष पितरों का श्राद्ध करने का विधान है।

शर्मा ने बताया कि इंदिरा एकादशी पर भगवान शालिग्राम को पहले पंचामृत से स्नान कराकर गंगाजल मिले पवित्र जल से अभिषेक करना चाहिए। इसके बाद पीला चंदन, अबीर, गुलाल, अक्षत, मौली, पुष्प और तुलसी पत्र अर्पित करें। भगवान को भोग लगाने के बाद आरती करें तथा इंदिरा एकादशी की कथा का श्रवण या पाठ करना चाहिए।

एकादशी व्रत के अगले दिन द्वादशी तिथि पर प्रातःकाल भगवान पद्मनाभ की पूजा करनी चाहिए। व्रत का पारण 7 अक्टूबर को सुबह 6.19 बजे से 9.15 बजे के बीच किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here