जयपुर। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट अजय सिंह ने रविवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर चुनाव आचार संहिता समाप्त होने तक प्रभावी रहेंगे। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सात क्षेत्रों में चार चरणों में चुनाव
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत झोटवाड़ा, आमेर, चाकसू, कोटखावदा, सांगानेर, बस्सी और तुंगा क्षेत्रों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार चरणों में संपन्न होंगे। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए विभिन्न प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
हथियार और घातक सामग्री लेकर चलने पर रोक
आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक जैसे आग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ, घातक रसायन, तलवार, कृपाण, चाकू, गंडासा और लाठी आदि लेकर घूमने तथा इनका प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, आदेश में निर्धारित श्रेणियों को छूट दी गई है।
जुलूस,सभा और भाषण के लिए अनुमति जरूरी
संबंधित पुलिस उपायुक्त की अनुमति के बिना जुलूस, सभा, धरना या भाषण का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी अनुमति मिलने के बाद ही किया जा सकेगा। इनके इस्तेमाल का समय सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित किया गया है।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री डालने पर कार्रवाई
फेसबुक, एक्स (ट्विटर), व्हाट्सएप, यूट्यूब सहित इंटरनेट और सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों पर धार्मिक उन्माद फैलाने, जातिगत द्वेष बढ़ाने या भड़काऊ सामग्री का प्रचार-प्रसार करने पर प्रतिबंध रहेगा। चुनाव के दौरान अफवाहों और ऐसी सामग्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिनसे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों पर प्रचार सामग्री प्रतिबंधित
सार्वजनिक एवं राजकीय संपत्तियों पर पोस्टर और होर्डिंग लगाने, नारे लिखने या चुनावी प्रतीक चिह्न बनाने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च सहित किसी भी धार्मिक स्थल का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों या चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन पर रोक
आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन प्रतिबंधित रहेगा। निर्धारित ड्राई डे के दौरान शराब की बिक्री पर भी पूर्ण रोक रहेगी। मतदान केंद्रों और उनके आसपास पहचान पर्ची के नाम पर चुनाव चिह्न, झंडे या पोस्टर प्रदर्शित नहीं किए जा सकेंगे।
इन श्रेणियों को रहेगी छूट
निषेधाज्ञा के प्रावधानों से सुरक्षा बलों और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को छूट दी गई है। इसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (आरएसी), राजस्थान पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड तथा चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
सिख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने की छूट रहेगी। इसी प्रकार असहाय, दिव्यांग, वृद्ध और बीमार व्यक्तियों को चलने के लिए आवश्यक लाठी या बैसाखी रखने की अनुमति होगी।
इसके अलावा नियमानुसार शस्त्र निरीक्षण के लिए या थाने में जमा कराने के उद्देश्य से हथियार ले जाने वाले लाइसेंसधारियों तथा प्रतियोगिता या अभ्यास के लिए जाने वाले नेशनल राइफल एसोसिएशन के खिलाड़ियों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार छूट दी गई है।
पुलिस कमिश्नरेट ने चुनाव के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।



















