पूर्व छात्रों की यादों से सजी ‘यादों का कारवां’ संगीत संध्या

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जयपुर। आदर्श विद्या मंदिर के पूर्व विद्यार्थियों की ओर से कंप्यूटेक्स सभागार में ‘यादों का कारवां’ पूर्व छात्र मिलन एवं संगीतमय संध्या का आयोजन किया गया। विद्यालय से जुड़े रहे पूर्व विद्यार्थी एक मंच पर जुटे और गीत-संगीत के जरिए छात्र जीवन की पुरानी यादों को फिर से जीवंत किया। लंबे अंतराल के बाद साथ मिले पूर्व छात्रों के बीच आत्मीयता और पुरानी स्मृतियों का रंग देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर के अधिवक्ता एवं विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी दीपक चौहान रहे, जबकि अध्यक्षता पूर्व छात्र एवं भाजपा नेता अशोक परनामी ने की। प्रबंध समिति अध्यक्ष राजीव सक्सेना और प्रधानाचार्य राजेंद्र गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रधानाचार्य (सीबीएसई) सुनयना नागपाल एवं प्रभारी वंदना मेहरोत्रा ने संचालिका डॉ. रागिनी ईश्वर का स्वागत किया। पूर्व प्राचार्य निरंजन शर्मा और पूर्व अध्यापक धर्मदत्त शर्मा का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

संगीत संध्या में गुलशन खत्री, धर्मवीर भाटिया, संदीप सपरा, मुकेश मुटरेजा, रणवीर सिंह, संदीप झा, संजय वधवा, सुनील वर्मा, राकेश शर्मा और वीरेंद्र परनामी ने पुराने सदाबहार गीतों सहित विभिन्न मधुर प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के दौरान पूरा सभागार तालियों और संगीत से गूंज उठा। गीतों के साथ विद्यालय से जुड़ी स्मृतियां भी पूर्व छात्रों के जेहन में ताजा होती रहीं।

अधिवक्ता दीपक चौहान ने कहा कि आदर्श विद्या मंदिर ने उन्हें शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और जीवन-मूल्यों की सीख दी। विद्यालय से मिला आत्मविश्वास आज भी जीवन में मार्गदर्शन करता है और विद्यालय से उनका रिश्ता पहले की तरह ही गहरा है।

अशोक परनामी ने कहा कि आदर्श विद्या मंदिर केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला है। यहां शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों का समन्वय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी है। विद्यार्थी जीवन में विद्यालय से मिली सीख और संस्कार जीवन की बड़ी पूंजी हैं।

प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष राजेश बड़गुर्जर और सीए राजीव गुप्ता ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य पूर्व विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर पुरानी यादों और आत्मीय रिश्तों को फिर से जोड़ना था।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रस्तुति और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित स्नेह भोज में पूर्व छात्रों ने आपसी मुलाकात और संवाद का आनंद लिया। कार्यक्रम में प्रबंध समिति के पुष्कर उपाध्याय, अनिल लोढ़ा, राजन सिंह, कामेश जोशी, तुलसी संगतानी और पं. राज शर्मा सहित पूर्व छात्र गुलशन मक्कड़, टीकम आसुदानी और अन्य उपस्थित रहे।

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