जयपुर। ब्रह्मपुरी माउंट रोड स्थित अतिप्राचीन दाहिनी सूंड दक्षिणमुखी श्री नहर के गणेशजी महाराज मंदिर में सोमवार को सोम-पुष्य नक्षत्र के पावन संयोग पर विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। मंदिर में प्रथम पूज्य गणेशजी महाराज का दूर्वा मार्जन से पंचामृत अभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
मंदिर युवाचार्य पं. मानव शर्मा ने बताया कि मंदिर महंत पं. जय शर्मा के सान्निध्य में प्रात: शुभ मुहूर्त में मंदिर परिवार की ओर से विधिवत अभिषेक कराया गया। दूर्वा मार्जन के बाद पंचामृत से गणेशजी महाराज का अभिषेक किया गया। धार्मिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भगवान गणेशजी को नवीन पोशाक धारण कराई गई। इसके बाद विशेष पूजा और आरती संपन्न हुई।
भक्तिमय रहा मंदिर परिसर
विशेष पूजा के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। भक्तों ने गणेशजी महाराज के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और विघ्नों के निवारण की कामना की। मंदिर परिवार की ओर से धार्मिक आयोजन की व्यवस्थाएं की गईं। सोम-पुष्य के विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की आराधना कर मंगलकामनाएं कीं।
251 दीपकों से महाआरती
सायंकाल मंदिर में 251 दीपकों से भव्य महाआरती की गई। दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर जगमगा उठा। महाआरती में श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया और गणेशजी महाराज के जयकारे लगाए। आरती के बाद श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि एवं विघ्न निवारण की भावना से रक्षा सूत्र वितरित किए गए।
मंदिर युवाचार्य पं. मानव शर्मा ने बताया कि विशेष तिथियों और नक्षत्रों के अवसर पर मंदिर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना और अभिषेक के आयोजन किए जाते हैं। इन आयोजनों में श्रद्धालुओं की भागीदारी रहती है और मंदिर परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है।



















