जयपुर। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम और पीड़िताओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए जयपुर पुलिस ने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों के प्रभावी निस्तारण पर जोर दिया है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के मार्गदर्शन में बुधवार को जयपुर पुलिस आयुक्तालय में अपर पुलिस कमिश्नर (प्रथम) डॉ. रामेश्वर सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें महिला अपराधों से जुड़े मामलों, पीड़िताओं की समस्याओं और उनके समाधान की प्रक्रिया पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
डॉ. सिंह ने महिला अपराधों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं की परिवेदनाओं को पूरी संवेदनशीलता से सुना जाए और नियमानुसार उन्हें तत्काल आवश्यक सहायता एवं राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्रों तथा वन स्टॉप सेंटर के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया, ताकि पीड़िताओं को समय पर मदद मिल सके।
बैठक में कमिश्नरेट के विशेष जांच इकाई एवं महिला अपराध (एसआईयूसीएडब्ल्यू) तथा महिला थानों के प्रभारी, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्रों और वन स्टॉप सेंटर के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एसआईयूसीएडब्ल्यू राजेश कुमार शर्मा (पूर्व), मनराज मीणा (पश्चिम), देवेंद्र सिंह (उत्तर) तथा महिला शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त नरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
इसके अलावा महिला थाना अधिकारियों मंजू कुमारी, मंजूला मीणा, सुषमा कुमारी और एकता राज ने भाग लिया। बैठक में आरयूडब्ल्यूए अध्यक्ष लाड कुमारी जैन, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन की निशा सिद्ध, जयपुरिया अस्पताल स्थित अपराजिता केंद्र की निशा पारीक और महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र (पूर्व) की प्रभारी रेणुका पामेचा सहित कुल 30 प्रतिनिधि एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

















