जयपुर। दीपावली पर जब पूरा शहर दीपों, रोशनी और आतिशबाजी के उल्लास में डूबा होगा, तब 477 फायर फाइटर्स और अधिकारी शहर की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे होंगे। लोग परिवार के साथ त्योहार मनाएंगे, लेकिन दमकलकर्मी दूसरों की खुशियों को सुरक्षित रखने के लिए अपने घरों से दूर रहकर मोर्चे पर तैनात रहेंगे। आगजनी की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने सभी फायरमैन की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। शहर के 12 फायर स्टेशनों के अलावा 12 चिह्नित पुलिस थानों और प्रमुख स्थानों पर दमकलें तैनात रहेंगी। तीन पारियों में 24 घंटे ड्यूटी होगी। निगम का कंट्रोल रूम भी चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा।
12 फायर स्टेशनों के साथ 12 थानों पर भी तैनाती
दीपावली पर आगजनी की घटनाओं से तत्काल निपटने के लिए फायर ब्रिगेड ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। शहर के सभी 12 फायर स्टेशनों पर दमकल और स्टाफ उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय और जिला प्रशासन की ओर से चिह्नित 12 पुलिस थानों पर भी दमकल वाहन तैनात किए जाएंगे। ये वाहन दीपावली से तीन दिन पहले और तीन दिन बाद तक संबंधित स्थानों पर मौजूद रहेंगे।

एडिशनल कमिश्नर नरेंद्र बंसल के अनुसार दीपावली को देखते हुए सभी फायर वाहनों की मॉक ड्रिल करवाई गई है और उन्हें कार्यशील स्थिति में तैयार किया गया है। प्रत्येक दमकल की लोकेशन, उस पर तैनात स्टाफ और संपर्क नंबर निर्धारित किए गए हैं। इस कार्ययोजना को आमजन के साथ भी साझा किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग नजदीकी फायर स्टेशन या उपलब्ध दमकल से सीधे संपर्क कर सकें।
परकोटे के बाजारों पर विशेष नजर
पुराने शहर के बाजारों और संकरी गलियों में आग लगने की स्थिति में दमकलों को मौके तक पहुंचाना बड़ी चुनौती होती है। इसे देखते हुए परकोटे में विशेष इंतजाम किए गए हैं। कोतवाली, माणक चौक थाना और नगर निगम के हेरिटेज भवन पर एक-एक फायर वाहन तैनात रहेगा। इसके अलावा घाटगेट फायर स्टेशन भी नजदीक होने से वहां से तत्काल दमकल भेजी जा सकेगी।
परकोटे के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में शामिल पुरोहितजी का कटला भी फायर ब्रिगेड की विशेष निगरानी में है। यहां सामने स्थित नगर निगम के हेरिटेज भवन में एक दमकल स्थायी रूप से तैयार रखी गई है, ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही कार्रवाई की जा सके।
58 दमकल, 25 फायर बाइक और 477 कर्मियों की टीम
फायर उपायुक्त दुर्गा कुमारी के अनुसार नगर निगम के पास वर्तमान में 12 फायर स्टेशन और कुल 58 दमकल वाहन उपलब्ध हैं। इनमें 46 बड़ी और 10 छोटी दमकलें शामिल हैं। इसके अलावा ऊंची इमारतों में आग बुझाने और बचाव कार्य के लिए 70 मीटर की एक एरियल हाइड्रोलिक लैडर प्लेटफॉर्म (एएचएलपी) और 36 मीटर की एक एडब्ल्यूटी उपलब्ध है।

तंग गलियों और ऐसे इलाकों में जहां बड़ी दमकलों का पहुंचना मुश्किल है, वहां 25 फायर बाइक का उपयोग किया जाएगा। इन संसाधनों के संचालन के लिए 157 चालक और 309 फायरमैन तैनात रहेंगे। अधिकारियों की टीम में एक मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ), चार फायर ऑफिसर और पांच सहायक फायर ऑफिसर भी शामिल हैं। इस तरह कुल 477 फायर फाइटर्स और अधिकारी दीपावली के दौरान शहर की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम, 20 सेकंड में रवाना होगी दमकल
दीपावली के दौरान नगर निगम का कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा। यहां हर समय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक फायर वाहन पर तीन फायरमैन की तैनाती करते हुए तीन पारियों में ड्यूटी निर्धारित की गई है। सभी फायरमैन की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कर्मचारियों की कमी नहीं रहे।
सीएफओ गौतम लाल के अनुसार आपात सूचना मिलने पर फायर स्टेशन से महज 20 सेकंड में दमकल को मौके के लिए रवाना कर दिया जाता है। टीम को इस तरह तैयार रखा गया है कि सूचना मिलते ही बचाव और आग बुझाने का काम शुरू किया जा सके।

पिछले साल हुई थीं 100 से ज्यादा आगजनी की घटनाएं
पिछले साल दीपावली के दौरान जयपुर में 100 से अधिक छोटी-बड़ी आगजनी की घटनाएं दर्ज हुई थीं। इनमें शॉर्ट सर्किट और आतिशबाजी से होने वाली घटनाएं प्रमुख कारणों में शामिल थीं। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार सभी फायर स्टेशनों पर सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई है। हेलमेट, फायर सूट, रस्सियां, गमबूट और एग्जॉस्ट फैन सहित आवश्यक उपकरण तैयार रखे गए हैं।
फायर उपायुक्त के अनुसार बड़े अस्पतालों, मॉल, ऊंची इमारतों और अधिक लोगों की आवाजाही वाले स्थानों पर मॉक ड्रिल भी करवाई जा रही है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग पर समय रहते काबू पाने की व्यवस्था को परखना है।
संसाधन तैयार, लेकिन परकोटे की चुनौतियां बरकरार
शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के बावजूद कुछ तकनीकी चुनौतियां बनी हुई हैं। हेरिटेज निगम की एक एरियल हाइड्रोलिक लैडर प्लेटफॉर्म (एएचएलपी) फिलहाल खराब है। इसे दुरुस्त कराने का काम स्थानीय निकाय विभाग (डीएलबी) स्तर पर स्वीकृत होना है। वहीं परकोटे का हाइड्रेंट सिस्टम दुरुस्त करने का काम भी प्रगतिरत है।
पुराने शहर की संकरी गलियां, बिजली के उलझे तार और दीपावली पर बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ दमकलकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दमकलों की अतिरिक्त तैनाती और फायर बाइक की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
छोटी सी सावधानी बचा सकती है बड़ा हादसा
फायर टीम ने नागरिकों से दीपावली पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के बाद बचाव कार्य जितना जरूरी है, उससे कहीं अधिक जरूरी है कि शुरुआती स्तर पर ही आगजनी की घटनाओं को रोका जाए। इसके लिए बिजली के तारों और उपकरणों की जांच करने, आतिशबाजी सुरक्षित और खुले स्थान पर करने तथा ज्वलनशील सामग्री को आग से दूर रखने की जरूरत है।
बहरहाल इस दीपावली पर जयपुर की सुरक्षा की जिम्मेदारी 477 फायर फाइटर्स के कंधों पर होगी। जब पूरा शहर रोशनी से जगमगाएगा, तब ये जवान हर आपात कॉल पर दौड़ने के लिए तैयार रहेंगे। उनकी कोशिश यही होगी कि हर घर में दीप जले और किसी भी परिवार की दीपावली आगजनी की घटना से प्रभावित न हो।
















