रैंप पर दिखेगा खादी,शिल्प और आधुनिक फैशन का संगम

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जयपुर। फैशन,खादी,पारंपरिक शिल्प और आधुनिक परिधान डिजाइन का अनूठा संगम एक नवंबर को जयपुर में देखने को मिलेगा। फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ राजस्थान (एफडीसीआर) की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में ‘ग्रासरूट-द आर्ट ऑफ अर्थ’ फैशन शोकेस आयोजित किया जाएगा। अराया सिलाई मशीन के सहयोग से होने वाले इस आयोजन में उभरते डिजाइनरों की रचनात्मकता के साथ अनुभवी डिजाइनरों के आकर्षक परिधान भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

इस कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 3 बजे लुमोरा एक्स की प्रस्तुति ‘जेन नेक्स्ट डिजाइनर्स’ से होगी। इसमें पोदार कॉलेज ऑफ डिजाइन, कोड बाय बीजीएनयू और एमिटी स्कूल ऑफ फैशन एंड टेक्नोलॉजी के डिजाइनर अपने कलेक्शन प्रस्तुत करेंगे। इस सत्र में नए डिजाइन विचारों और रचनात्मक प्रयोगों को मंच मिलेगा।

शाम 5 बजे अराया सिलाई मशीन की ओर से ‘डंडी डिजाइनर्स अवॉर्ड्स सेरेमनी’ आयोजित की जाएगी। इसके बाद शाम 6 बजे हेयरजॉय की प्रस्तुति में रचना खंडेलवाल का ‘छोरिताई’ और गुरमीत सिंह कपूर का ‘जी-व्लास’ कलेक्शन प्रदर्शित होगा।

शाम 7 बजे खादी राजस्थान की ओर से संजय अग्रवाल का ‘सूत’ कलेक्शन प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें खादी कारीगरों की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। रात 8 बजे जयश्री ज्वेल्स की प्रस्तुति में दीपाक्षी खंडेलवाल के ‘दीपाक्षी डिजाइन’ और ज्योति पंवार के ‘हाउस ऑफ फैशन’ के परिधान प्रदर्शित किए जाएंगे।

आयोजन का समापन रात 9 बजे एमजी की ओर से होगा। इसमें गजल मिश्रा और बेनेरा ज्वेल्स की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रहेगी। आयोजन में स्किल इंडिया, स्किल राजस्थान, आरयूएसपीएलडीसी, खादी राजस्थान और एमजी सेलेक्ट जयपुर वाहन सहयोगी हैं। जयश्री ज्वेल्स प्राइवेट लिमिटेड आभूषण सहयोगी, लुमोरा एक्स रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड

हरित ऊर्जा सहयोगी, हेयरजॉय केश-सज्जा सहयोगी, रिजिलिन सेलन्स सौंदर्य-सज्जा सहयोगी और एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान ज्ञान सहयोगी के रूप में जुड़े हैं। आयोजकों के अनुसार ‘ग्रासरूट-द आर्ट ऑफ अर्थ’ के जरिए पारंपरिक शिल्प, खादी और आधुनिक फैशन को एक मंच पर लाने के साथ नई डिजाइन प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

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