
जयपुर। आराध्य देव श्री गोविंददेवजी मंदिर में इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव विशेष संयोग के साथ मनाया जाएगा। 4 सितंबर को मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का संयोग बनेगा, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार द्वापर युग जैसा शुभ माना जा रहा है। जन्मोत्सव के अवसर पर रात 12 बजे 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी के बीच श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव मनाया जाएगा।
मंदिर में जन्माष्टमी से पहले रोजाना विभिन्न मंडलियों की ओर से संकीर्तन किया जाएगा। जन्माष्टमी पर ठाकुर श्रीजी का 425 लीटर दूध से पंचामृत अभिषेक होगा। अभिषेक में 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद भी अर्पित किया जाएगा।
रात 12 बजे जन्मोत्सव
जन्माष्टमी पर मंगला झांकी सुबह 4 से 6.30 बजे, धूप 7 से 9 बजे, शृंगार 9.30 से 11.15 बजे, राजभोग 11.45 से दोपहर 1.15 बजे, ग्वाल 4 से 6.30 बजे और संध्या झांकी 6.45 से 8.30 बजे तक होगी। रात 10 से 11 बजे तक गोविंद जी मिश्र श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा का पाठ करेंगे। मध्यरात्रि में 31 तोपों की सलामी और आतिशबाजी के बाद अभिषेक दर्शन होंगे। छह वेदपाठी पंडित वेद पाठ करेंगे। इसके बाद शालिग्राम पूजन और पांच द्रव्यों के पूजन के बाद पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। भगवान को पंजीरी, लड्डू, खिरसा और रबड़ी कुल्हड़ का विशेष भोग लगाया जाएगा।
5 सितंबर को निकलेगी शोभायात्रा
मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के अनुसार 5 सितंबर को नंदोत्सव मनाया जाएगा। इसी दिन शाम 4.30 बजे मंदिर परिसर से शोभायात्रा निकलेगी, जो जलेबी चौक, हवामहल बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, बापू बाजार, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार और बगरू वालों का रास्ता होते हुए मंदिर श्री गोपीनाथजी पहुंचेगी।
3 हजार कार्यकर्ता संभालेंगे व्यवस्था
दर्शन व्यवस्था के लिए करीब 3 हजार कार्यकर्ता और 150 स्काउट तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब 13 एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। सुरक्षा के लिए 8 से 10 मेटल डिटेक्टर और चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वाहनों के लिए रामनिवास बाग और चौगान स्टेडियम पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से बैग, थैला, लेडीज पर्स, कीमती आभूषण, फल, मिठाई, नारियल, लैपटॉप और कैमरा नहीं लाने की अपील की है। श्रद्धालुओं से भारतीय परिधान में आने तथा संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु की सूचना तत्काल पुलिस या मंदिर प्रशासन को देने को कहा गया है। गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों से भी भीड़ को देखते हुए मंदिर नहीं आने की अपील की गई है।
अष्टमी तिथि 3 सितंबर रात 12.26 बजे शुरू होकर 4 सितंबर रात 12.14 बजे समाप्त होगी। वहीं रोहिणी नक्षत्र 3 सितंबर रात 11.30 बजे से 4 सितंबर रात 12.14 बजे तक रहेगा। इसी आधार पर 4 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी।


















