जयपुर। राजधानी जयपुर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अब शहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्मार्ट तकनीक के जरिए ट्रैफिक मैनेजमेंट किया जाएगा। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) तकनीक से यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान होगी, वहीं प्रमुख चौराहों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर वाहनों के लंबित चालान भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
जेडीए में आयोजित बैठक में राजस्थान आवासन मंडल के आयुक्त अरविंद पोसवाल, जेडीए सचिव गौरव सैनी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) प्रदीप मोहन शर्मा, डीआईजी आनंद शर्मा सहित जेडीए, नगर निगम, सार्वजनिक निर्माण विभाग, स्मार्ट सिटी, परिवहन विभाग, एनएचएआई, जेसीटीएसएल, रीको और जयपुर डेयरी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फुटपाथों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। जेडीए की प्रवर्तन शाखा अभियान चलाकर फुटपाथों पर बने अवैध डेयरी बूथ, रैंप, सीढ़ियां और अन्य अतिक्रमण हटाएगी, ताकि पैदल यात्रियों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हो सके।
बैठक में शहर में एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू करने का निर्णय भी लिया गया। इसके तहत जंक्शन आधारित व्यवस्था से आगे बढ़कर कॉरिडोर और एरिया आधारित ट्रैफिक प्रबंधन विकसित किया जाएगा। पैदल यात्रियों के लिए बाधारहित फुटपाथ, ग्रीन मेश फेंस, लो-लेवल लाइटिंग, हरित पट्टियां, साइकिल ट्रैक, जिम उपकरण, बैठने की व्यवस्था और आधुनिक शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
राउंडअबाउट और फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग
यातायात जाम कम करने के लिए उपयुक्त चौराहों पर आकर्षक राउंडअबाउट (रोटरी) विकसित किए जाएंगे, ताकि आंतरिक सड़कों पर बिना ट्रैफिक सिग्नल के यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके। साथ ही फ्लाईओवर के नीचे खाली स्थानों को व्यवस्थित पार्किंग में बदलने और हेरिटेज लुक, प्लांटर्स, कियोस्क व आकर्षक लाइटिंग के साथ उनका सौंदर्यीकरण करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
मॉल की बेसमेंट पार्किंग होगी खाली
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रमुख मॉल्स की बेसमेंट पार्किंग से अवैध कब्जे और व्यावसायिक गतिविधियां हटाकर उन्हें केवल पार्किंग के लिए आरक्षित किया जाएगा। एसएल मार्ग स्थित होटल, अस्पताल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा रैंप, सीढ़ियां और जालियां बनाकर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
50 हजार ई-रिक्शा का होगा स्मार्ट प्रबंधन
शहर में संचालित करीब 50 हजार ई-रिक्शा के बेहतर संचालन के लिए जयपुर को सात जोन में विभाजित किया जाएगा। ई-रिक्शा में लगाए जाने वाले क्यूआर कोड में महिलाओं और आमजन की सुरक्षा के लिए एसओएस अलर्ट की सुविधा भी जोड़ी जाएगी।
ट्रैफिक पुलिस को मिलेंगे नए बूथ
बैठक में यातायात पुलिस के लिए हेरिटेज लुक वाले नए पुलिस बूथों को मंजूरी दी गई। इनमें अलग वॉशरूम सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सकेगा।



















