जयपुर। संत बाबा उमाकान्त महाराज ने सत्संग में कहा कि भारत के दुश्मन विदेशी लोग देश में जगह-जगह नशीली चीजों की आपूर्ति कर युवाओं को नशे का आदी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ड्रोन के जरिए भी नशीली दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। गोली, सीरप आदि सामान्य दवा की तरह दिखाई देते हैं, लेकिन इनमें नशे का पदार्थ हो सकता है। युवाओं को नशे का आदी बनाकर उन्हें अपने प्रभाव में रखना ऐसी गतिविधियों का उद्देश्य हो सकता है।
उन्होंने पुराने समय में युद्ध के दौरान विष कन्याओं के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले कन्याओं को थोड़ा-थोड़ा विष देकर विषैला बनाया जाता था और उन्हें दुश्मन राजाओं के यहां भेजा जाता था। इसी प्रकार आज नशे के माध्यम से समाज को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नशे से दूर रहने और युवाओं को इसके प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
बाबा उमाकान्त महाराज ने पुरुषों को ब्रह्मचर्य का पालन करने और महिलाओं को सतीत्व की रक्षा करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का संयम और चरित्र उसे ऐसी परिस्थितियों से बचाता है। सती अनसूया का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि स्त्री को अपने पति के प्रति निष्ठावान रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सीता जी को भी सती अनसूया ने विपरीत परिस्थितियों में अपने सतीत्व की रक्षा करने की सीख दी थी। महाराज ने कहा कि जिसके अंदर सतीत्व और अच्छा चरित्र होता है, उसकी रक्षा के लिए कई लोग आगे आते हैं, जबकि चरित्र गिरने पर समाज का सहयोग भी कम हो जाता है।



















