जयपुर। सांगानेर के तिवड़िया बालाजी धाम स्थित हनुमान मंदिर मैदान में श्री 1008 महामंडलेश्वर बालयोगी बालकृष्ण दास महाराज के सानिध्य में आयोजित गोपुष्टी महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत भक्तमाल कथा का आयोजन सातवें दिन भी श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी रहा। कथा और रासलीला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया।
जोई राम सोई राम महाराज ने सत्संग के दौरान गौ सेवा का महत्व बताते हुए कहा कि सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है, क्योंकि उसमें समस्त देवी-देवताओं का वास माना गया है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिकाधिक संख्या में आयोजन में शामिल होकर सहयोग करने का आह्वान किया।
कथा प्रवक्ता आचार्य बालयोगी नॉमिनाथ दास महाराज ने भक्तमाल कथा में भगवान के नरसिंह अवतार के माध्यम से भक्त प्रहलाद की रक्षा तथा वामन अवतार में राजा बलि से तीन पग भूमि मांगने के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि देने वाले भी भगवान हैं और लेने वाले भी भगवान ही हैं। कथा में भगवान राम के अवतार का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे, वहीं भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्मोत्सव को भजन-कीर्तन और नृत्य के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया।
कथावाचक ने श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण करने की अपील की। सायंकाल वृंदावन से आए कलाकारों ने मनमोहक रासलीला का मंचन किया, जिसे देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।



















