जयपुर। चित्रकूट थाना इलाके में अक्षरधाम मंदिर के पास स्थित एक होटल के कमरे में रविवार को युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान अजमेर निवासी विजेंद्र सिंह (30) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह नशे का आदी था और करीब तीन महीने से झुंझुनूं स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती था। शनिवार को वह वहां से भागकर जयपुर आया और होटल में कमरा लेकर ठहरा था। पुलिस को शव के पास नशे का इंजेक्शन भी मिला है। ऐसे में प्रथम दृष्टया नशे के ओवरडोज से मौत की आशंका जताई जा रही है।
थानाधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि विजेंद्र सिंह मूल रूप से अजमेर का रहने वाला था। पिता की मौत के बाद वह अपनी मां के साथ जयपुर में सिरसी रोड पर रह रहा था। शनिवार शाम उसने अक्षरधाम मंदिर के पास स्थित होटल में एक दिन के लिए कमरा लिया था। रविवार सुबह चेकआउट करने की बात कही थी।
पुलिस के अनुसार रविवार दोपहर करीब 12 बजे तक विजेंद्र ने कमरा खाली नहीं किया। इस पर होटल स्टाफ उसे बुलाने पहुंचा तो वह बेड पर लेटा हुआ मिला। स्टाफ उसे जगाए बिना वापस लौट गया। कुछ देर बाद दोबारा कमरे में जाकर जगाने का प्रयास किया तो उसके मृत होने की जानकारी हुई। होटल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एफएसएल टीम को बुलाकर घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विजेंद्र नशे का आदी था। परिजनों ने नशे की लत छुड़ाने के लिए उसे करीब तीन महीने पहले झुंझुनूं के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। शनिवार को मौका पाकर वह केंद्र से निकल गया और जयपुर पहुंच गया। इसके बाद उसने होटल में कमरा लिया। पुलिस को कमरे में उसके शव के पास नशे का इंजेक्शन मिला है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।



















