जयपुर। बारां जिले में ढेकदे नदी के तेज बहाव में कैंपर गाड़ी सहित फंसे उत्तराखंड के दो व्यक्तियों के लिए एसडीआरएफ की टीम ने अंधेरी रात में साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों की जान बचा ली। करीब 10 फीट गहरे पानी में तेज बहाव के बीच कैंपर एक चट्टान से टकराकर रुक गई थी। दोनों व्यक्ति जान बचाने के लिए कैंपर की छत पर बैठ गए और मदद का इंतजार करते रहे। एसडीआरएफ जवानों ने मोटर बोट और रेस्क्यू रोप की मदद से रात करीब 10:30 बजे दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना गुरुवार 17 सितम्बर की शाम करीब 7:15 बजे की है। पुलिस थाना केलवाड़ा क्षेत्र के ग्राम सिलोरी के समीप स्थित सिलोरी बालाजी धाम पर दर्शन करने के बाद दोनों व्यक्ति कैंपर गाड़ी से ढेकदे नदी पर बनी रपट को पार कर रहे थे। इसी दौरान नदी का बहाव अचानक तेज हो गया और कैंपर बहकर रपट से करीब 100 मीटर दूर चली गई। कुछ दूरी पर कैंपर एक चट्टान से टकराकर रुक गई।
तेज बहाव के बीच फंसे दोनों व्यक्तियों ने जान बचाने के लिए कैंपर की छत पर शरण ली। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन नदी का बहाव अधिक होने के कारण तत्काल रेस्क्यू संभव नहीं हो सका।
रात करीब 8 बजे जिला बारां पुलिस कंट्रोल रूम से केलवाड़ा थाना क्षेत्र में दो लोगों के नदी के तेज बहाव में फंसे होने की सूचना एसडीआरएफ राजस्थान कंट्रोल रूम जयपुर को मिली। एसडीआरएफ कंट्रोल रूम ने कमाण्डेन्ट रेवन्त दान के निर्देश पर रिजर्व पुलिस लाइन बारां में मानसून सत्र-2026 के दौरान तैनात एसडीआरएफ बी कम्पनी कोटा की रेस्क्यू टीम बी-05 को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया।
टीम प्रभारी कांस्टेबल नरेश कुमार के नेतृत्व में सात जवान आपदा राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुए। टीम करीब रात 9 बजे घटनास्थल पर पहुंची। टीम कमाण्डर ने मौके की स्थिति का जायजा लेकर एसडीआरएफ कमाण्डेन्ट को स्थिति से अवगत कराया और आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए।
टीम कमाण्डर के निर्देश पर जवान सूजाराम, मुकेश कुमार, अशोक कुमार, मनीष कुमार, कमलेश और सुन्दर लाल ने सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव के बावजूद जवान मोटर बोट की सहायता से कैंपर की छत पर फंसे दोनों व्यक्तियों तक पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात करीब 10:30 बजे टॉर्च की रोशनी में दोनों व्यक्तियों को लाइट जैकेट पहनाई गई। इसके बाद मोटर बोट और रेस्क्यू रोप की सहायता से उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
रेस्क्यू किए गए दोनों व्यक्तियों की पहचान राहुल गंगोत्री (45) और महात्मा श्री बालाका देवाचार्य (60), निवासी उत्तराखंड के रूप में हुई। तेज बहाव और घने अंधेरे के बीच एसडीआरएफ जवानों ने जोखिम उठाकर दोनों तक पहुंच बनाई और सुरक्षित बाहर निकाला।


















