जयपुर। राजधानी जयपुर के कालवाड़ थाना क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस ने वीआईपी कल्चर का रौब झाड़ने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई करते हुए फर्जी विधायक नेमप्लेट लगी कार को जब्त कर लिया। वाहन पर प्रतिबंधित ब्लैक फिल्म भी लगी हुई थी।
कालवाड़ थाना अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि हाथोज इलाके में चेकिंग के दौरान ट्रैफिक हेड कांस्टेबल धारासिंह ने एक संदिग्ध कार को रुकवाया। जांच के दौरान चालक श्याम (निवासी झोटवाड़ा) ने खुद को विधायक बालमुकुंद आचार्य का करीबी बताते हुए गाड़ी छोड़ने का दबाव बनाया।
उसने दावा किया कि वाहन विधायक का है और उसे जाने दिया जाए। हालांकि हेड कांस्टेबल ने स्पष्ट कर दिया कि वह विधायक की अधिकृत गाड़ी को पहचानते हैं,क्योंकि वह नियमित रूप से उसी मार्ग से गुजरती है। इसके बाद चालक को नियमों की जानकारी दी गई।
थानाधिकारी ने बताया कि जब चालक का दावा काम नहीं आया तो उसने मामला खत्म करने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत देने की पेशकश की। पुलिसकर्मी द्वारा मना करने पर एक अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचा और कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दबाव बनाने का प्रयास किया।
उसने धमकी भरे लहजे में कहा कि “गाड़ी जब्त करके कौन से कलेक्टर बन जाओगे। वहीं दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि कार का रजिस्ट्रेशन सलुंबर निवासी तुषार के नाम पर है और इसका किसी विधायक या उनके कार्यालय से कोई संबंध नहीं है। स्पष्ट हुआ कि चालक अवैध वीआईपी सुविधा पाने और पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए फर्जी नेम प्लेट का उपयोग कर रहा था।
इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए हेड कांस्टेबल धारासिंह ने ट्रैफिक सीआई कविता शर्मा को सूचित किया। उनके निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार को जब्त कर कालवाड़ थाने भिजवा दिया।
थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वाहन को थाने में खड़ा करवाया गया है और आगे विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।वहीं मामले में विधायक बालमुकुंद आचार्य ने स्पष्ट किया कि उनका आरोपी से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्हें पुलिस की ओर से सूचना मिली थी, लेकिन उक्त व्यक्ति या वाहन से उनका कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।




















