झांकियों में प्रकृति के रंग: कथक की मुद्राओं से गणपति को नमन

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Colors of Nature in the Tableaux: Paying Obeisance to Ganpati through Kathak Mudras
Colors of Nature in the Tableaux: Paying Obeisance to Ganpati through Kathak Mudras

जयपुर। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश जन्मोत्सव के दौरान संध्या बेला में कथक नृत्य और सुगम संगीत के मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिर मंहंत के अनुसार शुक्रवार को सब्जियों की झांकी सजाई गई। इसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और दर्शन किए। इसके बाद मोती डूंगरी गणेश मंदिर में शनिवार को फूलों की विशेष झांकी सजाई जाएगी। इन झांकियों के जरिए प्रकृति और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। तीनों दिन शाम 6 बजे कथक की प्रस्तुति होगी। वहीं ध्रुपद, सुगम संगीत और कथक कलाकारों ने गणेशजी को अपनी कला समर्पित की। इस मन भावक आयोजन में हजारों लोग साक्षी बनें।

कल 3500 किलो मेहंदी से होगा सिंजारा

13 सितंबर को मोतीडूंगरी गणेशजी का मेहंदी पूजन और सिंजारा होगा। सोजत की करीब 3500 किलो मेहंदी गणेशजी को धारण कराई जाएगी। पूजा के बाद रात 7:30 बजे पांच स्थानों से मेहंदी प्रसाद बांटी जाएगी। महिलाओं और कन्याओं के लिए मेहंदी की अलग व्यवस्था की जाएगी। इसी दिन गणेशजी का साल में केवल गणेश चतुर्थी पर धारण कराया जाने वाला स्वर्ण मुकुट पहनाया जाएगा। चांदी के सिंहासन पर विराजित गणेशजी विशेष पोशाक और नौलखा हार में नजर आएंगे। मोती, सोना, पन्ना और माणक से सजे इस हार को महंत परिवार ने करीब तीन महीने में तैयार कराया है।

जन्मोत्सव, 19 घंटे होंगे दर्शन

गणेश चतुर्थी के दिन 14 सितंबर को भगवान गजानन का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 5 बजे मंगला आरती से रात 11:40 बजे शयन आरती तक दर्शन होंगे। विशेष पूजन सुबह 11:20 बजे, श्रृंगार आरती 11:30 बजे, भोग आरती दोपहर 2:15 बजे और संध्या आरती शाम 7 बजे होगी। भोग के दौरान दोपहर 1:30 से 2 बजे तक मंदिर के पट मंगल रहेंगे।

15 सितंबर को गणेशजी करेंगे नगर भ्रमण

नौ दिवसीय उत्सव का समापन 15 सितंबर को गणेशजी के नगर भ्रमण के साथ होगा। गणेशजी महाराज शाम को मोतीडूंगरी मंदिर से रवाना होकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेंगे। नगर भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

जन्मोत्सव पर आरती का ये रहेगा समय

14 सितंबर को मंगला आरती सुबह 5 बजे, श्रृंगार आरती सुबह 11:30 बजे, भोग आरती दोपहर 2:15 बजे और संध्या आरती शाम 7 बजे होगी। शयन आरती रात 11:40 बजे होगी। भोग के दौरान दोपहर 1:30 से 2 बजे तक दर्शन बंद रहेंगे। इसके बाद भक्त फिर दर्शन कर सकेंगे।

72 कैमरों से होगी निगरानी, 14 मेटल डिटेक्टर और 500 स्वयंसेवक

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर प्रबंधन ने इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में मैटल डिटेक्टर 6 डीएफएमडी और 6 एचएसएमडी लगाए जाएंगे। 72 नए क्लोज सर्किट कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी होगी और 30 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी। दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश की 6 लाइनें और वापसी की 8 लाइनें रहेंगी, जबकि एक लाइन पास के जरिए प्रवेश के लिए होगी।

गणेश चतुर्थी के दिन श्रद्धालुओं के लिए एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और तख्तेशाही रोड से मंदिर की ओर प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। निःशक्तजनों और बुजुर्गों के लिए राउंड द क्लॉक 100 ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 4 इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें भी उपलब्ध रहेंगी। व्यवस्था संभालने के लिए करीब 500 स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे।

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