जयपुर। विजयादशमी पर मंगलवार को गुलाबी नगरी में दशहरे का पर्व धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न दशहरा मैदानों में रावण दहन के आयोजन हुए। कहीं 121 फीट ऊंचे रावण का दहन हुआ तो कहीं 105 फीट के रावण के साथ 90 फीट ऊंचे कुंभकर्ण का पुतला जलाया गया।
रंग-बिरंगी आतिशबाजी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, धार्मिक शोभायात्राओं और मेलों ने दशहरे की रौनक बढ़ाई। आदर्श नगर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और विद्याधर नगर में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कार्यक्रमों में शिरकत की। शहर के विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचे और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया।
विद्याधर नगर में 121 फीट के रावण का दहन
विद्याधर नगर स्टेडियम में वीडीएन फाउंडेशन की ओर से दशहरा मेले का आयोजन किया गया। यहां 121 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कार्यक्रम में शिरकत की। रावण दहन देखने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों से लोग पहुंचे। बच्चों के लिए झूले और खेल गतिविधियों की व्यवस्था की गई। मेले में परिवारों ने खरीदारी और मनोरंजन का आनंद लिया। रावण दहन के साथ करीब 40 मिनट तक सतरंगी आतिशबाजी की गई, जिससे आसमान रंगीन रोशनी से जगमगा उठा।
आदर्श नगर में रावण के साथ जला कुंभकर्ण
आदर्श नगर दशहरा मैदान में श्री राम मंदिर प्रन्यास एवं श्री सनातन धर्म सभा की ओर से दशहरा महोत्सव आयोजित किया गया। यहां 105 फीट ऊंचे रावण और 90 फीट ऊंचे कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि सांसद मंजू शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। महापौर सुनील कोठारी अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मैदान में बच्चों के लिए झूले और खानपान की दुकानें भी लगाई गईं।
भगवान श्रीराम के स्वरूप ने अग्निबाण चलाकर रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया तो मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। रावण के पुतले की आंखों से शोले, मुंह से आग के गोले और नाभि व सिर पर घूमते अग्नि चक्र आकर्षण का केंद्र रहे। तलवार और ढाल से निकलती सुनहरी चिंगारियों ने दहन के दृश्य को और प्रभावशाली बना दिया। इस बार रावण के हाथ और तलवार को हिलने वाली विशेष व्यवस्था भी की गई, जिसे देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे।
नियाग्रा फॉल जैसा नजारा, आसमान में बरसीं अशर्फियां
दशहरा महोत्सव के संयोजक राजीव मनचंदा ने बताया कि इस बार आतिशबाजी में कई नए प्रयोग किए गए। रावण दहन से पहले हुई आतिशबाजी में नियाग्रा फॉल जैसे रंगीन झरनों का दृश्य दिखाई दिया। आसमान से चमकीली अशर्फियां बरसती नजर आईं तो रंग-बिरंगे आतिशी फूलों ने दर्शकों को रोमांचित किया। स्टार वार जैसी आतिशबाजी, सुनहरे अनार, धूमकेतु जैसी चमकती रोशनी और चारों दिशाओं में तैरती हवाई मछलियों ने लोगों का ध्यान खींचा। ऑक्टोपस जैसी रंगीन आकृतियों और लंबे बांसों पर घूमती चकरियों से पूरा मैदान जगमगा उठा।
अध्यक्ष हरचरण लेकर और सचिव अनिल खुराना ने बताया कि महोत्सव के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया। भगवान श्रीराम के हाथों रावण और कुंभकर्ण का दहन इसी संदेश का प्रतीक रहा।
राम-लक्ष्मण के स्वरूपों के साथ निकली शोभायात्रा
आदर्श नगर दशहरा महोत्सव के तहत दोपहर तीन बजे श्री राम मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें लवाजमे के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूप विराजमान रहे। शोभायात्रा पंचवटी सर्किल, राजा पार्क चौराहा, ध्रुव मार्ग, लक्ष्मी नारायण मंदिर, कृष्ण प्रणामी मंदिर, कृष्ण मंदिर, 20 दुकान, स्वामी नंदराम मंदिर, स्वामी गंगादास मंदिर, बर्फखाना, मामा की होटल और पुलिया नंबर एक होते हुए दशहरा मैदान पहुंची।
मार्ग में विभिन्न व्यापार मंडलों की ओर से शोभायात्रा का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान के स्वरूपों के दर्शन किए। रावण दहन के बाद श्री राम मंदिर में भगवान श्रीराम का राजतिलक किया गया। मीडिया प्रभारी तुलसी संगतानी ने बताया कि दशहरा मैदान में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूलों और खानपान की स्टॉलों की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में कालीचरण सराफ, रफीक खान, पवन अरोड़ा, अजयपाल सिंह और रवि नय्यर शामिल हुए। क्षेत्रीय पार्षद नीरज अग्रवाल एवं ऋतु चौधरी तथा विशेष आमंत्रित राजेश गुप्ता (जेवीवीएनएल) और कपिल चोपड़ा भी उपस्थित रहे। महोत्सव की व्यवस्थाओं में दशहरा महोत्सव समिति के केशव बेदी, जितेंद्र चड्डा, लक्ष्मण मलिक, रवि सचदेवा, इंद्र कुमार चड्डा, हाकिम गेरा, अश्वनी बेरी, संजीव धवन, डॉ. महेश पोपली, विजय बत्रा, गोपाल शर्मा, संदीप सपरा, गुलशन मक्कड़, नितिन भाटिया, विनोद पारवानी और लक्ष्मण टेकचंदानी सहित अन्य सदस्यों ने सहयोग किया।
मानसरोवर में 70 फीट का रावण जला
मानसरोवर के अरावली मार्ग स्थित मेला मैदान में सद्भावना परिवार फाउंडेशन की ओर से दो दिवसीय सद्भावना दशहरा महोत्सव आयोजित किया गया। दूसरे दिन मंगलवार को 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ। महोत्सव में सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की गई। भजमन बीट्स बैंड ने पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत के साथ प्रस्तुत किया। आयोजकों ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य लोगों के बीच प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है।
विजयादशमी पर 51 फीट के रावण का दहन
श्री सनातन धर्म महोत्सव समिति के तत्वावधान में न्यू गेट स्थित रामलीला मैदान में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव के अंतर्गत विजयादशमी पर 51 फीट ऊंचे विशाल रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। रावण दहन के बाद प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक का विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। राज्याभिषेक के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आयोजन में उपस्थित लोगों ने जय श्रीराम के जयकारों के साथ पर्व की खुशियां मनाईं।
रजनी विहार में 51 फीट के रावण का दहन, 5 हजार से अधिक लोग पहुंचे
रजनी विहार दशहरा मैदान में रजनी विहार विकास समिति के तत्वावधान में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। कार्यक्रम में पांच हजार से अधिक लोग शामिल हुए। समिति अध्यक्ष राहुल शर्मा ने बताया कि सुबह से ही बच्चों के लिए चम्मच दौड़, रस्सीकूद, मेहंदी, बिना ईंधन के पाक कला और रंगोली जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें 300 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। विजेता बच्चों को पुरस्कार और अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिए गए।
कार्यक्रम संयोजक वरुण टेकवानी ने बताया कि दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 21 मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, 75 वर्ष से अधिक आयु के 25 बुजुर्गों को शॉल और दुशाला ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रंगीन आतिशबाजी के बीच रावण दहन हुआ। कार्यक्रम में जयपुर शहर की उपमहापौर सरोज कंवर मुख्य अतिथि तथा क्षेत्रीय पार्षद अमरचंद कुमावत और पार्षद युवराज सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन में समिति के सीएस भान, रतन सिंह निर्वाण, बृजेश सैनी, प्रवीण शर्मा और रमेश मिश्रा सहित अन्य सदस्यों ने सहयोग किया।
शहर के अन्य इलाकों में भी हुए आयोजन
जयपुर में विद्याधर नगर, आदर्श नगर, मानसरोवर और रजनी विहार के अलावा मालवीय नगर सेक्टर-9, खोले के हनुमानजी मंदिर, कृष्ण बलराम मंदिर परिसर और वैशाली नगर के चित्रकूट स्टेडियम में भी दशहरा उत्सव आयोजित किए गए। न्यू गेट स्थित रामलीला मैदान में 51 फीट, खोले के हनुमानजी मंदिर में 40 फीट और चित्रकूट स्टेडियम में करीब 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इन आयोजनों में आतिशबाजी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए विजयादशमी का पर्व मनाया गया।



















