एलपीजी टैंकर और ट्रक टक्कर में लगी आग में ग्यारह लोग जिंदा जले

0
329
Eleven people burnt alive in the fire caused by the collision of LPG tanker and truck
Eleven people burnt alive in the fire caused by the collision of LPG tanker and truck

जयपुर। भांकरोटा थाना इलाके के जयपुर-अजमेर हाइवे स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने शुक्रवार सुबह एलपीजी टैंकर में हुए ब्लास्ट से ग्यारह लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई जबकि पैतीस से अधिक लोगों को गंभीर हालत एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। हादसा इतना भयानक था कि उसने करीब चालीस से अधिक वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।

इसमें एक स्लीपर बस भी शामिल है, जो टैंकर के पीछे चल रही थी। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां घटनास्थल और उसके आस-पास पास इलाके में आग बुझाती रही। जानकारी के अनुसार एलपीजी टैंकर में हुआ ब्लास्ट इतना भयंकर था कि आग की लपटें करीब दो सौ फीट ऊपर उठी और टैंकर में भरे करीब 32 टन गैस जोरदार धमाके के साथ उछल कर घटनास्थल के आस-पास के वाहनों पर गिरा जिससे वे वाहन भी जलकर राख हो गए।

जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि भारत पेट्रोलियम के एलपीजी गैस से भरा टैंकर शुक्रवार सुबह 6 बजे अजमेर से जयपुर की ओर आ रहा था और दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने से वापस यू-टर्न ले रहा था, तभी जयपुर से आ रहा ट्रक की उससे भिड़ंत हो गई। जिससे टैंकर में लगे पांच नोजल टूटकर गया और लिक्विड एलपीजी झिटकर कर आसपास के इलाके में फैल और धमाके के साथ निकली आग के संपर्क में आते ही चारों ओर आग और धुएं का गुबार फैल गया।

चारों ओर लोगों की चीख-पुकार मच गई। चालीस अधिक आग की चपेट में आए वाहनों में सवार लोगों ने अपनी जान बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उसके बावजूद वे आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो धमाके साथ लगी आग की चपेट में आए लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। चारों ओर अधजले और घायल लोगों की चीख-पुकार मच गई।

10 से 12 मरीज ऐसे हैं जो 60 प्रतिशत से ज्यादा जले

एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर सुशील भाटी ने बताया कि पहले दो-तीन मरीज आए थे, इसके बाद अचानक बहुत सारे मरीज लाए गए। भर्ती मरीजों में 10 से 12 मरीज ऐसे हैं, जो 60 प्रतिशत से ज्यादा जले हैं। 6 मरीज अभी वेंटिलेटर पर हैं।

सात शवों को अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया गया

एसएमएस अस्पताल के मोर्चरी में 7 शवों को लाया गया है, जिनमें एक महिला, दो पुरुष की पहचान नहीं हुई है। एक अज्ञात शव को पॉलिथीन में लाया गया है। वहीं दो शवों की पहचान हुई है। इनमें हरलाल पुत्र नानूराम, ग्राम राजपुरा(सीकर) निवासी हैं। शहाबुद्दीन पुत्र मोहम्मद, रायबरेली यूपी के निवासी हैं। हादसे में आरएसी कॉन्स्टेबल अनीता मीणा (28) की भी मौत हो गई। अनीता आरएसी में 2016 बैच की कॉन्स्टेबल थीं। सुबह दूदू से ड्यूटी के लिए चौनपुरा के लिए स्लीपर बस में निकली थीं।

5 लोगों ने एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर आरके जैन ने बताया कि 32 मरीज भर्ती हुए थे। इनमें से 15 मरीज ऐसे थे, जो 50 फीसदी से ज्यादा झुलसे थे। इलाज के दौरान पांच की मौत हो गई, जबकि 5 लोग मृत लाए गए थे। एक ने जयपुरिया हॉस्पिटल में दम तोड़ा।

हादसे में ये लोग हुए घायल

गोविंद नारायण (33), संदीप (30), बनवारी लाल (32), शाहिद (34), सौमराज मीना (28), युसूफ (45), लीला (45), लक्ष्मण (37), विजेन्द्र (36), निर्मला (68), अशोक पारीक (35), वंजीता (23), राधेश्याम चौधरी (32), लालाराम (28), सहाबुद्दीन (35), नरेश (36), अमर (42), सुरेन्द्र (50), महेन्द्र (42), सुनील (20), अशोक (35), जगदीश रैगर (30), हरलाल (29), शिवा (32), राजू (40), गीता (23), शैलेन्द्र (35), लोकेश (18), शबनम (24), फिजन (20), राजूलाल (34), बबलू गुर्जर (21), कपिल (24) ।

टैंकर में लगे पांच नोजल टूटकर गिरे और लिक्विड रूप में एलपीजी निकल कर पूरे इलाके में फैला

गेल इंडिया लिमिटेड के डीजीएम(फायर एंड सेफ्टी) सुशांत कुमार सिंह ने बताया कि टक्कर के कारण टैंकर में लगे पांच नोजल टूट कर गिर गए और लिक्विड रूप में एलपीजी निकल कर पूरे इलाके में फैल गई। टक्कर लगते ही स्पार्क हुआ था। इससे गैस ने आग पकड़ ली और पूरे इलाके में धमाका हुआ।

आग इतनी तेजी से फैली कि चालीस से ज्यादा गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं। इन गाड़ियों में बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। टैंकर के पीछे चल रही एक स्लीपर बस और हाईवे किनारे मौजूद पाइप फैक्ट्री भी जल गई। गाड़ियां रुकने के कारण हाईवे बंद हो गया। धमाके के बाद गैस फैलने से रेस्क्यू में काफी परेशानी आई।

स्लीपर बस में बाहर निकलने का एक ही दरवाजा था, एक्सीडेंट की वजह से उसका दरवाजा एक ट्रक से चिपक गया। इस कारण उसमें सवार 34 लोगों को बाहर निकलने की जगह ही नहीं मिली, बड़ी मुश्किल से ड्राइवर वाले गेट से लोगों को बाहर निकाला गया। इस बस में सवार 19 से ज्यादा लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आग बुझने के बाद कई शवों को पोटली में डालकर अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद एहतियातन दिनभर पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति ठप रही।

हादसे की जांच कराएगा परिवहन विभाग

परिवहन विभाग अब जयपुर.अजमेर हाईवे पर हुए अग्निकांड हादसे की जांच कराएगा। इसके लिए कमेटी गठित होगी। जिसमें परिवहन, एनएचएआई, पुलिस और मेडिकल विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।

हादसे पर राष्ट्रपति ने जताया दुख

जयपुर में हुई सड़क दुर्घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी दुख जताया। राष्ट्रपति ने कहा कि जयपुर में हुई सड़क दुर्घटना के कारण अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु प्रार्थना करती हूं। उनके परिवारजनों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदनाएं। मेरी प्रार्थना है कि घायल हुए लोग शीघ्र ही स्वस्थ हों।

पीएम मोदी ने किया मुआवजे का एलान

जयपुर अजमेर हाईवे पर हुए हादसे में प्रधानमंत्री मोदी ने गहरा दुख जताते हुए हर मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए देने का एलान किया है। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।

गृह राज्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री घटनास्थल पर डटे

राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम और उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि टैंकर और ट्रक के बीच भिड़ंत हुई है। आग की लपटे इतनी तेज हुईं कि अन्य वाहनों को भी उसने अपनी चपेट में ले लिया। मृतक परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है। सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। हम जल्द ही इस रास्ते को साफ करवाएंगे। जब तक रास्ता साफ नहीं हो जाता है। हम यहीं हैं। हमने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

घायलों के उपचार में जुटा पूरा चिकित्सा विभागःचिकित्सा मंत्री

चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गैस टैंकर में आग की हृदयविदारक घटना अत्यंत पीड़ादायक है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है। उनके दुख को शब्दों में व्यक्त करना असंभव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए तत्काल एसएमएस अस्पताल पहुंचकर घायलों की कुशलक्षेम जानी।

उनके निर्देशानुसार घायलों के त्वरित उपचार और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। मैं स्वयं एसएमएस अस्पताल में उपस्थित हूं और देख रहा हूं कि पूरा चिकित्सा विभाग मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार तत्परता से घायलों के उपचार में जुटा हुआ है। यह समय अत्यंत कठिन है लेकिन हम पूरी संवेदना और प्रतिबद्धता के साथ संतप्त परिवारों के साथ खड़े हैं।

सीएम भजनलाल बोले हादसे की होगी विस्तृत जांच

जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गैस टैंकर में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के उपरांत सीएम भजनलाल शर्मा ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिस्थितियों का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि मैं अस्पताल जाकर भी आया हूं जहां मैंने अस्पताल के सभी अधिकारियों को तुरंत इलाज के निर्देश दिए हैं। सरकार इस घटना के संबंध में जो बन पड़ेगा वो करेगीए इलाज में भी हम सहयोग करेंगे।

जो इस घटना में हताहत हुए हैं उन सभी के परिजनों को ईश्वर शक्ति दें। हमनें हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है जिसके माध्यम से सूचना दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी तक 4 लोगों की मृत्यु हुई है और लगभग 35 लोग घायल हैं, उनका इलाज जारी है। इस विषय की विस्तृत जांच होगी।

गोविंद सिंह डोटासरा पहुंचे एसएमएस अस्पताल

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे। यहां पर डोटासरा ने जयपुर अग्निकांड के घायलों की कुशलक्षेम पूछी। साथ ही डॉक्टरों से पीड़ितों की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here