श्रीमद्भागवत कथा से मिलती है भक्ति-शक्ति और मुक्ति : स्वामी दयानंद सरस्वती

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जयपुर। श्री साईं नाथ सेवा धाम समिति के तत्वावधान में श्री साईं बाबा के 20वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर राजापार्क स्थित सिंधी कॉलोनी के स्वामी सर्वानंद पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह के दूसरे दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा का वाचन करते हुए जगद्गुरु परमहंसाचार्य स्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा कि श्रीमद्भागवत कलिकाल के समस्त पापों का समूल नाश करने वाली है।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत में जीवन से जुड़े सभी प्रश्नों और शंकाओं का समाधान विद्यमान है। इसके श्रवण से मनुष्य को भक्ति, शक्ति और मुक्ति की प्राप्ति होती है। जहां भी श्रीमद्भागवत की कथा होती है, वहां भगवान स्वयं उपस्थित होकर अपनी कथा का श्रवण करते
हैं।

स्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा कि जो भक्त संसार की परवाह किए बिना प्रभु के प्रेम में अश्रु बहाता है और प्रभु भक्ति में नृत्य करता है, वह स्वयं के साथ-साथ पूरे संसार को भी पवित्र कर देता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। सनातन धर्म में सत्य आचरण, अहिंसा, प्रभु सेवा और श्रेष्ठ व्यवहार पर विशेष बल दिया गया है।

आयोजन से जुड़े निवर्तमान पार्षद घनश्याम चंदलानी ने बताया कि कथा महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को ध्रुव चरित्र और प्रह्लाद चरित्र की कथा सुनाई जाएगी। 10 मार्च को भगवान श्रीराम चरित्र और श्रीकृष्ण चरित्र का वर्णन होगा, जिसके बाद नंदोत्सव मनाया जाएगा। 11 मार्च को श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए गोवर्धन पूजा और 56 भोग का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 12 मार्च को रासलीला और रुक्मिणी विवाह की कथा के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। अंतिम दिन सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष प्रसंग के बाद कथा की पूर्णाहुति होगी तथा पोथी विदाई के साथ आयोजन संपन्न होगा।

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