
जयपुर। सोलह दिवसीय गणगौर पूजन के छठे दिन रविवार को आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में गणगौर पूजन किया गया। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के सानिध्य में एक हजार से अधिक महिलाओं ने अखंड सुख-सौभाग्य और सुखी दाम्पत्य जीवन की कामना के साथ पूजन किया।
सजी धजी महिलाओं ने माता पार्वती के स्वरूप गणगौर तथा भगवान भोलेनाथ के स्वरूप ईसर का विधिवत पूजन किया। गणगौर पूजन के लिए महिलाएं लाल रंग के पारंपरिक परिधान और राजस्थानी आभूषण पहनकर मंदिर पहुंचीं। पारंपरिक लोकगीत गाते हुए महिलाओं ने समूह में भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की। गणगौर माता के होली से तिलक लगाकर काजल, मेहंदी सहित अन्य सुहाग की सामग्री अर्पित की। इससे पहले दूब से माता रानी को जल के छींटे दिए।
इस दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से सुखी दाम्पत्य जीवन की कामना के साथ पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ किया गया। वेद माता गायत्री, ठाकुर श्री राधा गोविंद देव जी, गायत्री परिवार के संस्थापक युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य वंदनीय माताजी भगवती देवी शर्मा का षोडशोपचार पूजन किया गया।

गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी के दिनेश आचार्य और डॉ. अजय भारद्वाज ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ कराया। भारद्वाज ने सुखद दाम्पत्य जीवन के सूत्र बताए। दस पारी में श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर परिवार और समाज के मंगल की कामना की। पहली बार गणगौर पूजन कर रही नव विवाहिताओं को गायत्री परिवार की ओर सुहाग की सामग्री भेंट की गई।
शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। गणगौर पूजन में शामिल होने वाली सुहागिन महिलाओं ने आयोजन की सराहना की। इस अवसर पर गायत्री चेतना केंद्र जनता कॉलोनी की ओर से साहित्य स्टॉल लगाई गई।


















