जयपुर। रक्षाबंधन को लेकर जयपुर के बाजारों में उत्साह नजर आया। पर्व से एक दिन पहले राखी और उपहारों की खरीदारी के लिए बाजारों में रौनक रही। पारंपरिक राखियों के साथ सोने-चांदी की राखियों की मांग भी बढ़ी है। महंगाई के बीच ज्वेलर्स ने ‘कम वजन, ज्यादा फैलाव’ का फॉर्मूला अपनाया है।
ज्वेलर्स के अनुसार पिछले साल करीब 5 ग्राम चांदी में तैयार होने वाली राखियां इस बार करीब 3 ग्राम में बनाई जा रही हैं। पहले 7 से 8 ग्राम वजन की राखियां भी चलन में थीं, लेकिन चांदी की कीमतों और ग्राहकों के बजट को देखते हुए वजन कम किया गया है। वहीं डिजाइन का फैलाव बढ़ाने से राखी कलाई पर बड़ी और आकर्षक नजर आती है और कीमत भी अपेक्षाकृत कम रहती है।
ज्वेलर रजत सोनी ने बताया कि ग्राहक ऐसी राखियां पसंद कर रहे हैं, जो आकर्षक होने के साथ बजट में भी रहें। इसी को देखते हुए कम वजन में बड़े डिजाइन की राखियां तैयार की जा रही हैं।
जयपुर के ज्वेलरी बाजारों में चांदी की राखियां 500 से 3 हजार रुपए तक उपलब्ध हैं। वहीं सोने की राखियों की कीमत 2 हजार से 1 लाख रुपए तक है। इनमें डायमंड और अन्य आकर्षक डिजाइन भी शामिल हैं। भाई-बहन के रिश्ते को दर्शाने वाले डिजाइन, सुदामा राखी और भाई के प्रति प्रेम को समर्पित राखियां भी ग्राहकों को पसंद आ रही हैं।
खरीदार हेमा ने बताया कि वह पिछले साल से भाई के लिए चांदी की राखी खरीदना चाहती थीं। इस बार उन्होंने चांदी की राखी खरीदी है। उनका कहना है कि राखी महज खरीदारी नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते को खास बनाने वाला अवसर है।
ज्वेलर्स के अनुसार महंगाई के बावजूद ग्राहक भावनाओं से समझौता नहीं करना चाहते। ऐसे में कम वजन और आकर्षक डिजाइन वाली राखियां बजट और पसंद के बीच बेहतर संतुलन बना रही हैं।



















